सरगुजा। जिले के उदयपुर ब्लॉक से लगे खमरिया स्थित बालिका छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने सुरक्षा गार्ड पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि गार्ड उनसे अपनी वर्दी धुलवाती है और रात में सोने से पहले मालिश भी करवाती है। काम करने से इनकार करने पर छात्राओं को दूसरे कमरे में बंद करने और छात्रावास से बाहर निकलवाने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है। मामला सामने आने के बाद आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। मौके पर मौत मामला तब सामने आया जब जिला पंचायत सदस्य राधा रवि रविवार को अचानक खमरिया स्थित बालिका छात्रावास पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान छात्रावास में कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। इसके बाद जिला पंचायत सदस्य ने छात्राओं से बातचीत की और उनसे भोजन, रहने की व्यवस्था, पढ़ाई तथा छात्रावास में होने वाली अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान छात्राओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी शिकायतें सामने रखीं। छात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास में तैनात गार्ड रवि सूर्य राजवाड़े उनसे अपनी वर्दी धुलवाते हैं। छात्राओं के मुताबिक, रात में सोने से पहले उनसे मालिश भी कराई जाती है। छात्राओं ने बताया कि जब वे गार्ड के बताए निजी काम करने से मना करती हैं तो उन्हें दूसरे कमरे में बंद करने की धमकी दी जाती है। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें छात्रावास से बाहर निकलवाने की धमकी दी जाती है। छात्राओं ने अपनी बात बताते हुए भावुक होकर रोना शुरू कर दिया। जिला पंचायत सदस्य राधा रवि ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है और उनकी शिकायत को संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि बालिका छात्रावास में रहने वाली छात्राओं से किसी भी कर्मचारी द्वारा निजी काम करवाना पूरी तरह अनुचित है। अजय चंद्राकर ने छात्रावास का निरीक्षण करने के बाद जिला पंचायत सदस्य ने पूरे मामले की शिकायत आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सहायक आयुक्त ने तत्काल मंडल संयोजक को मामले की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मंडल संयोजक ट्राइबल नवीन कुमार कश्यप ने बताया कि खमरिया छात्रावास में सुरक्षा गार्ड द्वारा छात्राओं से निजी काम कराए जाने की शिकायत मिली है। ट्राइबल एसी के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित गार्ड को छात्रावास से हटाने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे स्वयं मौके पर जाकर छात्राओं से बातचीत करेंगे और पूरे मामले की जांच करेंगे। नवीन कुमार कश्यप के मुताबिक, केवल खमरिया छात्रावास तक सीमित रहने के बजाय अन्य छात्रावासों का भी समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा। यदि किसी अन्य छात्रावास में भी कर्मचारियों द्वारा छात्राओं से निजी काम करवाने या किसी तरह की अनुचित गतिविधि की शिकायत सामने आती है तो उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल खमरिया मामले में जांच जारी है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब सरगुजा जिले में छात्रावासों और आवासीय संस्थानों में छात्राओं की शिकायतों को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। इससे पहले लुण्डा जनपद के मिशन स्कूल राई, रघुनाथपुर की छात्राओं ने हॉस्टल अधीक्षिका पर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। उस मामले में छात्राएं अपनी शिकायत लेकर पैदल ही अंबिकापुर कलेक्टर से मिलने के लिए रवाना हो गई थीं। छात्राओं के करीब 15 किलोमीटर पैदल जाने की जानकारी सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलने पर जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्कूल प्रबंधन मौके पर पहुंचे और छात्राओं को समझाइश देकर वापस स्कूल लाया गया। बाद में जिला शिक्षा अधिकारी भी स्कूल पहुंचे और छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। खमरिया छात्रावास की ताजा शिकायत ने एक बार फिर बालिका छात्रावासों की निगरानी और वहां तैनात कर्मचारियों के व्यवहार पर सवाल खड़े किए हैं। छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में अब जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।








