DGP को भेजा आवेदन 2 महीने बाद भी नहीं पहुंचा, विभागों में फंसा फरियादी

  • डाक विभाग बोला “भेज दिया”, पुलिस बोली “मिला नहीं” – 11 आरोपियों पर कार्रवाई लंबित

रिपोर्टर संतन दास मानिकपुरी ,गरियाबंद। शिकायत पर कार्रवाई के लिए पुलिस महानिदेशक को भेजा गया आवेदन दो महीने बाद भी गंतव्य तक नहीं पहुंच सका है। अब पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि आवेदन उन्हें मिला ही नहीं, जबकि डाक विभाग के कर्मचारी आवेदन भेजे जाने की बात कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर लापरवाही किसकी है।

*क्या है पूरा मामला*  

फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम फुलझर निवासी योगेश्वर साहू पिता डीहूराम साहू ने बताया कि उनके खिलाफ गांव के 11 लोगों द्वारा ST/SC Act के तहत फिंगेश्वर थाने में झूठी FIR दर्ज कराई गई थी। उनका आरोप है कि पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच के कार्रवाई कर दी, जिससे उनका सामाजिक सम्मान गिरा है।

योगेश्वर ने बताया कि जिन 11 लोगों पर उन्होंने आरोप लगाया है उनके नाम हैं – संतु ध्रुव, माणिक यादव, ललेसरू ध्रुव, धनश्याम सेन, चेतन ध्रुव, कंचन गोस्वामी, हनुमंत ध्रुव, कृपाल गोस्वामी, ढांलसिंग ध्रुव, धर्मेन्द्र दीवान और एक अन्य व्यक्ति।

*डाक में फंसा आवेदन*  

इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर योगेश्वर साहू ने पंजीकृत डाक के माध्यम से *पुलिस महानिदेशक, रायपुर को आवेदन भेजा था। डाक की रसीद संख्या EC127315522IN है और इसे 05 मई 2026 को लोहारसी डाकघर*से बुक किया गया था।

शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने पर जब योगेश्वर साहू ने DGP कार्यालय में जानकारी ली तो वहां के अधिकारियों ने बताया कि उनका आवेदन अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं डाक विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि डाक नियमानुसार गंतव्य पते पर भेज दी गई थी।

अब फरियादी दो महीने से विभागों के चक्कर काटने को मजबूर है। एक ओर पुलिस आवेदन नहीं मिलने की बात कह रही है तो दूसरी ओर डाक विभाग भेजे जाने का दावा कर रहा है।

*गांव के जिम्मेदार लोग भी दे रहे गवाही*  

योगेश्वर ने बताया कि गांव के सचिव रुपेश कुमार ध्रुव, उपाध्यक्ष ईश्वर यादव, भागीरथी दिवान सहित अन्य लोगों को पूरे मामले की जानकारी है। उनका कहना है कि जमीन विवाद से उनका कोई लेना-देना नहीं है और घटना के दिन वह गांव में मौजूद भी नहीं थे। बावजूद इसके उन्हें फंसाया जा रहा है।

फिलहाल फरियादी ने मामले की उच्च स्तरीय जांच और त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Hot Topics

Related Articles