ग्राम पंचायत फुलझर में शासकीय जमीन खतरे में, जिम्मेदार तहसीलदार मौन

  • मंदिर निर्माण हेतु नहीं मिली जमीन, उल्टा फंसाया फर्जी SC/ST प्रकरण में

रिपोर्टर संतन दास मानिकपुरी ,सच बोलो तो मारन धाय, झूठ बोलो तो जग पतियाय कुछ ऐसा ही उक्ति छुरा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत फुलझर में चरितार्थ हो रहा है। जब आवेदक डीह राम साहू ने अपने 40 वर्षों के काबिज जमीन पर मंदिर निर्माण के लिए जिला कलेक्टर , तहसील कार्यालय और थाना फिंगेश्वर को सूचना दी। इधर संतु ध्रुव के नेतृत्व में ललेशरू ध्रुव को हड़पाकर फर्जी एस सी/ एस टी प्रकरण में पूरे परिवार को फंसवा दिया। मगर वे स्वयं आज ग्राम पंचायत के शासकीय जमीन को नुकसान पहुंचा रहे है। जिसे कभी पंचायत ने अतिक्रमण पर स्थगन और विशेष उपयोग के लिए आरक्षित किया था।

*ललेशरू का दावा फर्जी* 

प्राप्त नकल अनुसार ललेशरू ध्रुव 20 वर्षों से काबिज का फर्जी दावा कर रहा है। उक्त शासकीय मद के जमीन को स्टाम्प पेपर का दुरुपयोग कर डमरू कमार से छीनने का मामला है जिनकी शिकायत उनके दामाद बिसरू कमार ने तहसील छुरा के समक्ष किया था मगर उन्हें दबाव बनाकर डरा दिया गया। स्टाम्प पेपर पर खरीदी का दावा करते ग्राम के पुराणिक ध्रुव, रामचंद्र दीवान, खिलावन ध्रुव और माखन दास के हस्ताक्षर है जिन्होंने स्टाम्प पर हस्ताक्षर से साफ इनकार किया है। अब प्रश्न यह उठता है आखिर इनके पीछे कौन है? उक्त जमीन को ग्राम पंचायत ने स्वास्थ्य केंद्र के लिए भी आरक्षित किया था।

आरोप है कि ललेशरू ध्रुव ने निवासरत जमीन, राजस्व विभाग का जमीन , बड़े झाड़ का जंगल को बेच डाला है और अब उक्त जमीन को बेचने की तैयारी में है।

*दूसरा मामला*

यह मामला संतु ध्रुव से जुड़ा है जिन्होंने अपने स्वार्थपूर्ति के लिए ग्राम की सबसे पुरानी हैंडपंप जो कभी ग्राम के जीवन का आधार था उखाड़कर महाडीक के पैरावट में छुपा दिया और ग्राम के कुछ लोगों रतनू, चेतन, तारण, मानिक, कृपाल आदि ने उक्त हैंडपंप को 90 वर्ष पुराना बताकर मामला को रफा दफा करने में महती भूमिका निभा रहा। संतु पर आरोप है कि वह स्कूल किनारे स्थित रामरतन यादव के ठेला को हड़पा फिर ऐतिहासिक रावणभाठा , संत राम कमार के इंदिरा आवास को तात्कालीन सरपंच के साथ लीपापोती कर संतु ध्रुव को लाभ पहुंचाया और हौसले बुलंद होने से पुरानी हैंडपंप को हड़पा तो सरपंच रमेश ध्रुव द्वारा स्थगन आदेश दिया गया बावजूद आज खसरा नं. 424 का टुकड़ा 0.13 हे. पर जो स्कूल परिसर से लगा है अतिक्रमण कर प्रधानमंत्री आवास बना दी लेकिन आज तक तहसीलदार छुरा की ओर से कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। जांच अधिकारी पटवारी मीरा टंडन द्वारा पंचनामा में संतु ध्रुव का .13 हे. काबिज का भ्रामक जानकारी भी पेश किया गया है जो जांच का विषय है जिनसे संतु ध्रुव के हौसले सातवें आसमान पर है।

*तीसरा मामला* 

सार्वजनिक जमीन पर अवैद्य कब्जा कर कृपाल गोस्वामी ने प्रधानमंत्री आवास बना दिया। ग्राम प्रमुखों के गली को छोड़कर मकान बनाने की बात की सहमति के बावजूद मनमानी पर तहसीलदार छुरा ने स्थगन आदेश दिया था मगर सरपंच द्वारा पंचायत प्रस्ताव देना किसी के गले नहीं उतर रहा है। ऐसे उदासीन सरपंच के चलते ग्राम में अवैद्य निर्माण चरम पर है। कृपाल गोस्वामी द्वारा भी शासकीय जमीन का व्यापार किया गया है।

एक ओर आवेदक डीहू राम साहू ने स्कूल , बांध, गोठान और लोगों को वन पट्टा दिलाने खुद कीमती समय और पैसा बर्बाद किया लेकिन इधर गैर जिम्मेदार नागरिक शासकीय जमीन को लगातार अवैद्य काबिज कर विक्रय और निर्माण पर शासन प्रशासन से सुरक्षा का गुहार लगाया है ताकि उक्त जमीन विशेष उद्देश्य के लिए आरक्षित रहें।

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