- वोट चोरी के आरोपों पर बना विवादित वीडियो और उपजा राजनीतिक बवाल
रायपुर।जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी इन दिनों अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण गंभीर कानूनी और राजनीतिक संकट में घिरे हुए हैं। कथित ‘वोट चोरी’ और चुनाव प्रणाली पर तंज कसने के उद्देश्य से उन्होंने अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर ‘ज्ञानू-जानू विवाह’ नाम से एक बेहद आपत्तिजनक वीडियो रील साझा की थी। इस वीडियो में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के मुखौटे पहने दो किरदारों को सांकेतिक रूप से शादी रचाते और कमरे के भीतर हनीमून मनाते हुए दिखाया गया था। वीडियो में खुद अमित जोगी कमरे का दरवाजा खोलकर इन दृश्यों पर टिप्पणी करते नजर आ रहे थे। संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों का ऐसा अमर्यादित फिल्मांकन सामने आते ही छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल आ गया और चौतरफा आलोचना शुरू हो गई।
रायपुर के सिविल लाइंस थाने में गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज
वीडियो के वायरल होते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। भाजपा विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में रायपुर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर सहित पार्टी का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल सिविल लाइंस थाने पहुंचा और लिखित शिकायत दर्ज कराई। सेंट्रल जोन के पुलिस उपायुक्त (DCP) तारकेश्वर पटेल के अनुसार, इस गंभीर मामले में पुलिस ने अमित जोगी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 352, 353(2), 356(2) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट की धारा 67 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने भी इस कृत्य की निंदा करते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद रायपुर पुलिस की टीमें अमित जोगी से पूछताछ के लिए उनके ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और उनके निवास पर एक दिन के भीतर थाने में हाजिर होने का आधिकारिक नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है।
जोगी की सार्वजनिक माफी और सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट करने की कवायद
विवाद को अनियंत्रित होता देख और कानूनी शिकंजा कसने के डर से अमित जोगी ने आनन-फानन में 2 नवंबर को अपने सोशल मीडिया हैंडल से उस विवादित वीडियो को डिलीट कर दिया। इसके बाद उन्होंने एक अन्य पोस्ट जारी कर सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार की और माफीनामा लिखा। अमित जोगी ने अपने स्पष्टीकरण में माना कि राजनीतिक विरोध जताने और अपनी बात रखने का यह तरीका पूरी तरह गलत था। उन्होंने लिखा कि राजनीति में खुद का मजाक उड़ाया जाना स्वीकार्य है, लेकिन किसी के निजी रिश्तों में घुसकर इस तरह का भद्दा व्यंग्य करना मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि उनका इरादा केवल चुनाव आयोग का विरोध करना था, लेकिन प्रस्तुतिकरण आदर्श नहीं था, इसलिए वे आहत हुई भावनाओं के लिए क्षमा चाहते हैं। हालांकि, उनके इस माफीनामे के बाद भी भाजपा का गुस्सा शांत नहीं हुआ है।
रायपुर पुलिस को चमका देकर सूरत में गुजराती पकवानों का आनंद
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे हैरान करने वाला पहलू अमित जोगी की वर्तमान स्थिति को लेकर सामने आया है। जहां एक तरफ रायपुर पुलिस कागजी औपचारिकताएं पूरी कर और नोटिस थमाकर उनकी तलाश में जुटी हुई है, वहीं अमित जोगी छत्तीसगढ़ की सीमाओं से कोसों दूर गुजरात के औद्योगिक शहर सूरत में समय बिता रहे हैं। उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी कुछ ताजा तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें वे पुलिसिया कार्रवाई और राजनीतिक घमासान से पूरी तरह बेफिक्र होकर एक रेस्टोरेंट में पारंपरिक गुजराती थाली के लजीज व्यंजनों का स्वाद लेते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस की सक्रियता के बीच उनके इस ‘रिलैक्स मूड’ ने प्रशासनिक अमले और सोशल मीडिया यूजर्स को हैरान कर दिया है।
त्योहारी सीजन में जनता का आक्रोश और पार्टी के भीतर बिखराव
यह पूरा सियासी बवंडर ऐसे समय में उठा है जब देश और प्रदेश में दीपावली का पावन त्योहार मनाया जा रहा है। इस मांगलिक और उत्सव के माहौल के बीच प्रधानमंत्री जैसे गरिमामयी पद को लेकर ऐसी अश्लील व अमर्यादित रील परोसी जाने से आम जनता में भी तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है। इस विवाद का असर अमित जोगी की पार्टी ‘जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)’ के भीतर भी दिखने लगा है, जहां बदनामी के डर से पार्टी के मुख्य प्रवक्ता भगवानू नायक ने नैतिक आधार पर अपने पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिसने पार्टी को बैकफुट पर धकेल दिया है।









