अयोध्या दीपोत्सव: 30 लाख दीयों और ड्रोन शो से रामनगरी ने रचा नया इतिहास

अयोध्या।उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या में इस वर्ष 10वां दीपोत्सव बेहद भव्य और ऐतिहासिक पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की जन्मस्थली इस समय आस्था, तकनीक और संस्कृति के अनूठे संगम से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। इस आलौकिक दृश्य को अपनी आंखों में कैद करने के लिए देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक रामनगरी पहुंच चुके हैं।

घाटों पर सजा रोशनी का महासमंदर

इस भव्य आयोजन के मुख्य केंद्र राम की पैड़ी सहित सरयू नदी के कुल 56 घाटों को करीब 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीयों से पूरी तरह सजाया गया है। इस विशाल लक्ष्य को पूरा करने के लिए 35,000 से अधिक स्वयंसेवकों ने दिन-रात एक करके घाटों पर दीयों की कतारें तैयार कीं। जैसे ही सूर्यास्त के समय इन दीयों को एक साथ प्रज्वलित किया गया, पूरी अयोध्या नगरी रोशनी के महासमंदर में तब्दील हो गई। इसके साथ ही नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में अयोध्या ने एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है।

आसमान में बिखरी तकनीक और संस्कृति की छटा

इस बार का दीपोत्सव केवल घाटों की रोशनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आधुनिक तकनीक ने इसे और अधिक आकर्षक बना दिया है। सरयू तट के आकाश में करीब 2,100 स्वदेशी ड्रोनों ने एक भव्य एरियल शो प्रस्तुत किया, जिसने आसमान में ही रामायण के मुख्य प्रसंगों और भगवान श्री राम के जीवन चरित्र की सजीव आकृतियां उकेरीं। इसके साथ ही रामधुन की धुनों पर थिरकती रंग-बिरंगी लेजर लाइट और भव्य लेजर शो ने सरयू नदी के पूरे तट को जादुई आभा से भर दिया।

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम का नेतृत्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए देश के माननीय उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी विशेष रूप से अयोध्या पहुंचे। सभी विशिष्ट अतिथियों ने भगवान श्री राम और माता जानकी के स्वरूपों की अगवानी की, उनका पूजन-अर्चन किया और सरयू तट पर महाआरती में भाग लेकर इस पावन उत्सव की गरिमा को और बढ़ाया।

देशभर के लोक कलाकारों ने बांधा समां

दीपोत्सव के सांस्कृतिक रंग को और गहरा करने के लिए भारत के कोने-कोने से आए लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। साकेत कॉलेज से निकाली गई भव्य शोभायात्रा में पारंपरिक नृत्य, संगीत और झांकियों ने रामनगरी के पूरे वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय और जीवंत बना दिया। इसके अतिरिक्त, मुख्य राम जन्मभूमि मंदिर परिसर को भी एक लाख विशेष दीयों से जगमगाया गया है, जिससे संपूर्ण अयोध्या धाम इस समय त्रेतायुग के वैभव की याद दिला रहा है।

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