उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित नीला ड्रम केस में मेरठ जिला कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है। दरअसल, मेरठ के ब्रह्मपुरी में 3 मार्च 2025 की रात मर्चेंट नेवी में अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई। हत्याकांड को पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर अंजाम दिया। सौरभ की हत्या करने के बाद उसकी बॉडी को धारदार हथियार से काटा गया। बॉडी को नीले ड्रम में रखकर बालू-सीमेंट से जमा दिया गया। हत्याकांड ने मेरठ ही नहीं देश भर में सनसनी मचा दी थी।
सौरभ राजपूत की हत्या के एक दिन बाद यानी 4 मार्च 2025 को मुस्कान ने बड़ी बेटी पीहू को अपनी मां के घर रखा और साहिल के साथ हिमाचल प्रदेश चली गई। 13 दिन बाद मुस्कान वापस मेरठ पहुंची। अपनी मां को सौरभ की हत्या के बारे में बताया। इसके बाद मामला खुला। पुलिस को हत्याकांड की सूचना दी गई। पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया। घटना के 19 माह बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। हालांकि, सजा के ऐलान से पहले मुस्कान अपनी बड़ी बेटी से मिलने की मांग लगातार करती रही।






