राजकुमार अग्रवाल महासमुन्द 04 अगस्त//खाद्य सुरक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन एवं कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशानुसार आज महासमुन्द में उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, महासमुन्द द्वारा एनालॉग पनीर एवं अन्य प्रतिबंधित एनालॉग उत्पादों के उपयोग एवं विक्रय पर प्रतिबंध के संबंध में खाद्य कारोबारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभिहित अधिकारी एवं होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई निर्माता, डेयरी संचालक, थोक एवं फुटकर विक्रेता, वितरक तथा अन्य खाद्य कारोबारी शामिल हुए।
बैठक में राज्य शासन द्वारा ‘एनालॉग पनीर एवं अन्य प्रतिबंधित एनालॉग उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, विक्रय एवं खाद्य पदार्थों में उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंध की जानकारी विस्तार से दी गई। सभी खाद्य कारोबारियों को निर्देशित किया गया कि वे तत्काल प्रभाव से ऐसे उत्पादों का उपयोग एवं व्यापार पूर्णतः बंद करें तथा केवल विधिसम्मत एवं मानक अनुरूप खाद्य पदार्थों का ही उपयोग एवं विक्रय करें।
बैठक में खाद्य कारोबारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए जिसके अनुसार सभी खाद्य पदार्थों की खरीद केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से करें।प्रत्येक खरीद का बिल, टैक्स इनवॉइस एवं स्टॉक रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
निरीक्षण के दौरान संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।किसी भी संदिग्ध अथवा प्रतिबंधित उत्पाद का भंडारण अथवा विक्रय न करें।होटल, रेस्टोरेंट एवं मिठाई प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जा रहे पनीर के स्रोत की जानकारी अभिलेखों सहित सुरक्षित रखें।
सभी खाद्य कारोबारियों से प्रतिबंध का पालन करने संबंधी स्वघोषणा-पत्र प्राप्त किया गया।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि आगामी दिनों में जिले में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई प्रतिष्ठानों, थोक विक्रेताओं, डेयरियों, कोल्ड स्टोरेज तथा अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का जोखिम आधारित निरीक्षण किया जाएगा। आवश्यकतानुसार नमूने लेकर परीक्षण कराया जाएगा तथा प्रतिबंधित उत्पाद पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके अधीन बनाए गए नियमों के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अभिहित अधिकारी श्री उमेश वर्मा ने सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की, कि वे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रतिबंध का पूर्णतः पालन करें तथा किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित एनालॉग उत्पाद का निर्माण, विक्रय अथवा उपयोग न करें। आम नागरिकों से भी अनुरोध किया गया कि यदि कहीं प्रतिबंधित उत्पादों के विक्रय अथवा उपयोग की जानकारी प्राप्त हो तो इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को दें, जिससे आवश्यक कार्रवाई की जा सके।






