दुर्ग। दुर्ग जिले में बाल श्रम के खिलाफ चलाए गए संयुक्त अभियान में बड़ी सफलता मिली है। राज्य बाल आयोग और स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (SJPU) दुर्ग की संयुक्त कार्रवाई में बस से ले जाए जा रहे 16 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इस कार्रवाई के दौरान एक नियोक्ता को भी गिरफ्तार किया गया है। पूरी कार्रवाई महज डेढ़ घंटे के भीतर पूरी कर ली गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (Association for Voluntary Action) से सूचना मिली थी कि कुछ बच्चों को कथित रूप से बाल श्रम के उद्देश्य से बस के माध्यम से दूसरे स्थान ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल आयोग और SJPU की टीम तत्काल सक्रिय हुई और संयुक्त अभियान शुरू किया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध बस को रोककर जांच की। जांच के दौरान बस में मौजूद 16 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रारंभिक पूछताछ में बाल श्रम की आशंका सामने आने पर सभी बच्चों को संरक्षण में लिया गया। इसके साथ ही मामले में एक नियोक्ता को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग, स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बच्चों को कहां ले जाया जा रहा था और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। प्रशासन ने कहा कि बाल श्रम और बाल तस्करी जैसी गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं बच्चों से मजदूरी कराए जाने या संदिग्ध परिस्थितियों में बच्चों को ले जाए जाने की जानकारी मिले तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन या पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते बच्चों को सुरक्षित बचाया जा सके।






