गंगरेल बांध के 14 गेट खुलने से उफान पर महानदी; जिले में अब तक 150 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, 14 पुल-पुलियों पर आवागमन बंद

 

बलौदाबाजार। जिले में लगातार बारिश और गंगरेल बांध के 14 गेट खोले जाने से महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बाढ़ का पानी पलारी तहसील के बिजराडीह, मोहान और अमेठी गांवों तक पहुंच गया है। बिजराडीह में सब्जी बाड़ी में सो रहे कई परिवार अचानक बाढ़ के पानी से घिर गए। करीब 15 घंटे तक फंसे रहने के बाद नगर सेना की टीम ने नाव की मदद से 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं, जिले में अब तक करीब 150 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है।

रात 1 बजे बाड़ी में घुसा पानी, ऊंची जगह पर खड़े होकर बचाई जान

बिजराडीह निवासी धर्मेंद्र सायतोड़े अपनी पत्नी नीलम और छह महीने की बेटी योगिता के साथ सब्जी बाड़ी में सो रहे थे। रात करीब 1 बजे अचानक पानी घुसने से उनकी नींद खुली। बाहर देखा तो चारों तरफ पानी भरा हुआ था। शुरुआत में पानी घुटनों तक पहुंचा, फिर कमर तक और देखते ही देखते जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा।

धर्मेंद्र के मुताबिक, प्रशासन ने पहले ही बाढ़ को लेकर चेतावनी दी थी। हालांकि, दिन में पानी कम होने के कारण उन्हें लगा था कि रात तक स्थिति सामान्य हो जाएगी। पानी बढ़ने के बाद परिवार की मुश्किलें बढ़ गईं। छह महीने की बच्ची को ठंड और पानी से बचाने के लिए नीलम पूरी रात उसे सीने से लगाकर ऊंची जगह पर खड़ी रहीं।

भूख और ठंड से परेशान रहे बच्चे

बाढ़ में मंतराम निषाद, ज्ञानबत्ती निषाद, ममता निषाद, शंकर टंडन, विजय टंडन और पूनम समेत कई लोग फंसे रहे। इनमें चार साल का युवराज, छह साल की बिंदिया और एक साल की रिया भी शामिल थे। बच्चों को भूख और ठंड के कारण काफी परेशानी हुई।

ममता ने बताया कि पानी लगातार बढ़ रहा था। ऐसे में सभी लोग एक-दूसरे का हाथ पकड़कर खड़े रहे, ताकि कोई तेज बहाव में बह न जाए। दौलत निषाद और रुक्मणी भी अपने परिवार के साथ बाढ़ में फंसे रहे।

बाढ़ के पानी में बाड़ी में खड़े बैल और ट्रैक्टर डूब गए। इसके अलावा करीब 25 सब्जी बाड़ियों और धान की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।

सुबह होने के साथ पानी का स्तर और बढ़ गया। दोपहर तक बाड़ी में करीब 7 से 8 फीट पानी भर गया। परिवार लगभग 15 घंटे तक बाढ़ के बीच फंसे रहे।

इसके बाद नगर सेना की टीम मौके पर पहुंची और नाव की मदद से सभी 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के दौरान सबसे पहले बच्चों और महिलाओं को निकाला गया। इसके बाद बुजुर्गों और पुरुषों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

मोहान गांव का गोठान डूबा, 700 ग्रामीणों को शिफ्ट करने की तैयारी

मोहान गांव में भी बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है। गांव का गोठान पूरी तरह डूब चुका है। करीब 12 फीट ऊंचा गोठान का सेट भी पानी में समा गया है।

निचली बस्ती में फंसे करीब 30 लोगों को पंचायत भवन में पहुंचाया गया था, लेकिन अब वहां भी पानी पहुंचने लगा है। ग्रामीणों के मुताबिक, वर्ष 2003 के बाद पहली बार महानदी का पानी गांव तक पहुंचा है।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन करीब 700 ग्रामीणों को भवानीपुर स्कूल में बनाए जा रहे अस्थायी राहत शिविर में शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है।

अमेठी गांव चारों तरफ से घिरा

महानदी किनारे बसा अमेठी गांव भी बाढ़ के पानी से घिर गया है। खैरा नाला उफान पर होने के कारण गांव के आसपास करीब दो किलोमीटर तक पानी फैल गया है।

पलारी एसडीएम दीपक निकुंज ने बताया कि बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है और मोहान गांव भी प्रभावित हो रहा है। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए भवानीपुर में अस्थायी राहत शिविर तैयार कर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रख रहा है। जिले में अब तक करीब 150 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

14 पुल-पुलियों पर आवाजाही बंद

बाढ़ के कारण महानदी के अमेठी घाट पर पुल से करीब 12 फीट ऊपर पानी बह रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के 14 पुल-पुलियों पर आवागमन बंद कर दिया गया है।

कलेक्टर ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। साथ ही नदी, नाले, पुल और चेकडैम के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

आपात स्थिति में जिला कंट्रोल रूम के

नंबर 07727-222454 पर संपर्क किया जा सकता है।

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