कमल कुमार मेश्राम, मोहला। जल संसाधन विभाग द्वारा जिले में बनाए गए विभिन्न एनीकटों की समय-समय पर मरम्मत और रखरखाव की आवश्यकता है। जिले में कुल 12 एनीकटों में से कुछ एनीकटों के क्षतिग्रस्त होने से गांवों के किसानों को सिंचाई और जल संरक्षण में परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर एनीकटों में टूट-फूट एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण पानी के संरक्षण और उपयोग में परेशानी की स्थिति बन रही है।
एनीकटों की आवश्यक मरम्मत कराए जाने से वर्षा जल का बेहतर संरक्षण हो सकेगा और किसानों को फसल के लिए सिंचाई का पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। विभाग के प्रारंभिक आकलन के अनुसार मरम्मत कार्य पर करीब 5 लाख रुपये की लागत आने का अनुमान है। इससे रबी एवं अन्य फसलों की सिंचाई में सुविधा मिलने के साथ किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
क्षेत्र के किसानों ने जल संसाधन विभाग से एनीकटों का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने की मांग की है। किसानों ने क्षतिग्रस्त एनीकटों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत, पर्याप्त बजट स्वीकृत करने और कार्य की नियमित निगरानी की मांग की है, ताकि जल संरक्षण के साथ सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।








