भाटापारा। शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों 5, 10 और 20 रुपये के छोटे नोटों की भारी कमी देखने को मिल रही है। छोटे नोटों की अनुपलब्धता के कारण आम लोगों को रोजमर्रा के लेनदेन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि जेब में पैसे होने के बावजूद छुट्टे के अभाव में लोगों को जरूरी सामान खरीदने में भी दिक्कत हो रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बाजार में छोटे नोट नहीं मिलने के कारण कई बार उन्हें मजबूरी में अतिरिक्त सामान खरीदना पड़ता है। दुकानदारों के पास छुट्टे पैसे नहीं होने से ग्राहकों को चॉकलेट या अन्य छोटी वस्तुएं लेने के लिए कहा जाता है। इससे आम उपभोक्ताओं को अनावश्यक खर्च उठाना पड़ रहा है।
रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों को परेशानी
छोटे नोटों की कमी का असर रेलवे स्टेशन पर भी देखने को मिल रहा है। टिकट लेने के दौरान छुट्टे पैसे नहीं मिलने से यात्रियों को परेशानी होती है। कई बार यात्रियों को 5 या 10 रुपये तक छोड़ने पड़ जाते हैं। छोटे नोटों की कमी के कारण रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
छोटे कारोबारियों का कारोबार हो रहा प्रभावित
छोटे नोटों की सबसे ज्यादा जरूरत छोटे दुकानदारों, होटल संचालकों, पान ठेला व्यवसायियों और सब्जी विक्रेताओं को पड़ती है। इनका अधिकांश कारोबार छोटी रकम के लेनदेन पर निर्भर रहता है। छुट्टे पैसे नहीं होने के कारण ग्राहकों को भुगतान लौटाने में परेशानी होती है, जिससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
पांच रुपये के सिक्के का भी अभाव
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में केवल छोटे नोट ही नहीं, बल्कि पांच रुपये के सिक्के की भी कमी बनी हुई है। लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के बावजूद इसका समाधान नहीं हो पाया है।
लोगों और व्यापारियों ने संबंधित बैंक प्रबंधन से मांग की है कि बाजार में 5, 10 और 20 रुपये के नोटों के साथ पांच रुपये के सिक्कों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि रोजमर्रा के लेनदेन में आ रही परेशानियों से राहत मिल सके।







