राजनांदगांव ।जिले के सोमनी क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक नाबालिग बच्ची को गलत जांच रिपोर्ट के आधार पर गर्भवती बताए जाने का मामला सामने आया है। मामले ने तूल पकड़ लिया है और अब पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए गृहमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की है।
पीड़िता के पिता के अनुसार उनकी करीब साढ़े 14 वर्षीय पुत्री पिछले एक वर्ष से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी और अनियमित माहवारी से जूझ रही थी। इसी कारण उसका उपचार सोमनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया, जहां डॉक्टर ने खून की जांच के बाद यूरिन सैंपल लिया। जांच रिपोर्ट में बच्ची को दो माह की गर्भवती बताया गया, जिसके बाद अस्पताल द्वारा सोमनी थाने को सूचना दी गई।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बच्ची और परिवार को लगातार परेशान किया। परिवार के मुताबिक, 25 मई को वे रिश्तेदारी में एक जन्मदिन कार्यक्रम में गए थे, तभी पुलिस उन्हें तलाशते हुए पहले घर और फिर करीब 8 किलोमीटर दूर ससुराल पहुंच गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें सभी लोगों के सामने उठाकर थाने ले आई।
पीड़ित परिवार का कहना है कि थाने में बच्ची से रातभर पूछताछ की गई और महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उसे डराया-धमकाया गया। परिजनों के अनुसार बच्ची पर जबरन अवैध संबंधों को लेकर सवाल किए गए। बाद में जिला अस्पताल में दोबारा सोनोग्राफी और कई बार यूरिन टेस्ट कराया गया, जिसमें पहली ही रिपोर्ट निगेटिव आई।
इस मामले में शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार भी पीड़ित परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि गलत रिपोर्ट और कथित पुलिस प्रताड़ना ने बच्ची और परिवार को मानसिक रूप से झकझोर दिया है।
वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने कहा कि अस्पताल से प्राप्त मेमो के आधार पर कार्रवाई की गई थी। रातभर पूछताछ और प्रताड़ना के आरोपों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर डीएसपी केपी मरकाम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने इस पूरे मामले में गलत रिपोर्ट देने वाले डॉक्टर और कथित रूप से प्रताड़ित करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और बर्खास्तगी की मांग की है। परिवार का कहना है कि घटना के बाद बच्ची काफी डरी-सहमी हुई है और पिछले दो दिनों से ठीक से खाना भी नहीं खा रही है।





