छत्तीसगढ़ की पहली ‘मिस दिव्यांग सुंदरी 2026’ बनीं निष्ठा गनवीर

  • रायपुर के अंबुजा मॉल में सौ से ज्यादा रजिस्ट्रेशन के बाद 30 प्रतिभागियों ने फाइनल में दिखाई प्रतिभा

रायपुर। किसी प्रतियोगिता में एक नाम विजेता बनता है, लेकिन कुछ आयोजन ऐसे होते हैं, जिनकी जीत किसी एक ताज या खिताब से बड़ी होती है। अंबुजा सिटी सेंटर मॉल में आयोजित ‘मिस दिव्यांग सुंदरी छत्तीसगढ़ 2026’ ऐसा ही मंच रहा, जहां प्रदेश की दिव्यांग बेटियों ने अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास के साथ अपनी पहचान दर्ज कराई। प्रतियोगिता के पहले संस्करण में आकांक्षा स्कूल की निष्ठा गनवीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ की पहली ‘मिस दिव्यांग सुंदरी 2026’ का खिताब हासिल किया। राधेय फिल्म्स एंड एंटरटेनमेंट हाउस और जेसीआई रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता के लिए प्रदेशभर से 100 से अधिक पंजीयन मिले थे। चयन के बाद 30 प्रतिभागियों ने फाइनल मुकाबले में हिस्सा लिया। टैलेंट राउंड और रैंप वॉक के जरिए प्रतिभागियों ने अपनी कला, व्यक्तित्व और मंचीय आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। दोनों चरणों में प्रदर्शन के आधार पर निर्णायक मंडल ने विजेताओं का चयन किया। आयोजक युगल गौतम और दिव्या यादव के अनुसार, इस आयोजन की मूल भावना दिव्यांग बेटियों को उनकी सीमाओं से नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा और क्षमताओं से पहचान दिलाना है। मंच का उद्देश्य उन्हें बराबरी से अपनी बात और व्यक्तित्व रखने का अवसर देना था। निष्ठा के सिर सजा ताज इस आयोजन का परिणाम है, लेकिन इसकी असली उपलब्धि उन 30 बेटियों का मंच पर पूरे आत्मविश्वास के साथ सामने आना है। उन्होंने यह संदेश दिया कि अवसर मिले तो पहचान किसी परिचय की मोहताज नहीं रहती। हौसला रास्ता बनाता है और प्रतिभा उस रास्ते पर अपनी जगह खुद बना लेती है।

निष्ठा की उपलब्धि ने आयोजन को दिया विशेष अर्थ

निष्ठा गनवीर डाउन सिंड्रोम के साथ जीवन जी रही हैं। इसके बावजूद या यूं कहें कि अपनी परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने मंच पर जिस आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा प्रस्तुत की, वह उनके चयन की सबसे महत्वपूर्ण वजहों में रहा। उनका ताज केवल प्रतियोगिता में मिली सफलता का प्रतीक नहीं, बल्कि उस सोच को भी सामने लाता है जिसमें व्यक्ति को उसकी शारीरिक स्थिति से आगे उसकी प्रतिभा और क्षमता के आधार पर देखा जाए। सानिया सेन फर्स्ट रनर अप और सत्या श्रीवास्तव सेकंड रनर अप रहीं। वी. मोनिका राव को ‘मिस ब्यूटीफुल स्माइल’ और मानसी पांडे को ‘मिस कॉन्फिडेंस’ का खिताब दिया गया। प्रतियोगिता में शामिल अन्य प्रतिभागियों के प्रयासों और उत्साह को भी सम्मान मिला। आयोजक युगल गौतम और दिव्या यादव ने सभी प्रतिभागियों को ‘मिस इंस्पिरेशन अवार्ड’ से सम्मानित किया।

अनुज शर्मा, मोना सेन, साध्वी सौम्या ने बढ़ाया हौसला

कार्यक्रम में पद्मश्री अनुज शर्मा, मोना सेन, महामंडलेश्वर साध्वी सोम्या और भाजपा महिला मोर्चा की डॉ. नीतू सिंह सहित कई अतिथि मौजूद रहे। पद्मश्री अनुज शर्मा ने कहा कि ऐसे मंच दिव्यांग बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उनकी प्रतिभा को समाज के सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मोना सेन ने छत्तीसगढ़ में पहली बार इस तरह की प्रतियोगिता आयोजित किए जाने को विशेष पहल बताया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में आरटीआई कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला, मिसेज इंडिया गृहलक्ष्मी विजेता गरिमा भंसाली, आचार्य शिवानंद साहेब, कारोबारी करिश्मा शर्मा और शेख समीर शामिल रहे। 30 प्रतिभागियों के बीच मुकाबला कड़ा रहा और अंतिम चयन तक पहुंचना निर्णायकों के लिए भी चुनौतीपूर्ण रहा।

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