- प्रकृति की दोहरी मार से फसलें तबाह
रायपुर।छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में अचानक हुए बेमौसम आंधी-तूफान और भारी बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी और पकी हुई फसलें इस प्राकृतिक आपदा के कारण पूरी तरह जमींदोज हो गई हैं। सालभर की गाढ़ी कमाई और मेहनत के इस तरह बर्बाद होने से राज्य के किसानों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
संकट की घड़ी में सरकार किसानों के साथ
इस विकट परिस्थिति और प्राकृतिक आपदा के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने साफ और कड़े शब्दों में कहा है कि मुसीबत की इस घड़ी में राज्य सरकार अपने किसान भाइयों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि पीड़ित किसानों को किसी भी तरह की परेशानी या आर्थिक तंगी से जूझने नहीं दिया जाएगा।
प्रशासनिक अमला सक्रिय, जिला कलेक्टरों को कड़े निर्देश
फसलों को पहुंचे नुकसान का सटीक आकलन करने और प्रभावित किसानों तक बिना किसी देरी के राहत सामग्री व मुआवजा पहुँचाने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया है। इसके तहत राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल जमीनी सर्वे करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित हुई उच्चाधिकारियों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सर्वे का काम पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर पूरा होना चाहिए ताकि पीड़ितों को तत्काल सहायता दी जा सके।







