छोटी उम्र, बड़ी भक्ति: चिखलाकसा के 10 वर्षीय वासु के हाथों में है साक्षात कला

दल्लीराजहरा/चिखलाकसा :- चिखलाकसा के नन्हे कलाकार ने जीता दिल – हर त्योहार खुद बनाता है भगवान की मूर्ति प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, इसे साबित कर दिखाया है नगर पंचायत चिखलाकसा के वार्ड क्रमांक 3 के एक छोटे से परिवार के नन्हे बालक एल. मोक्ष सोनी (वासु) ने। महज 10 वर्षीय वासु, जो दल्लीराजहरा के सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा 6वीं का छात्र है, अपनी कला और भक्ति से पूरे मोहल्ले में चर्चा का विषय बना हुआ है। खास बात यह है कि वासु हर त्यौहार पर बाजार से मूर्ति नहीं लाता, बल्कि अपने नन्हे हाथों से मिट्टी से ठीक इसी तरह सुंदर मूर्ति बनाकर अपने घर में पूजा-अर्चना करता है। चाहे गणेश चतुर्थी हो, दुर्गा पूजा हो या दीपावली, उसकी बनाई मूर्तियों में एक अलग ही भाव और श्रद्धा देखने को मिलती है। छोटे से परिवार में जन्मे वासु की इस प्रतिभा की पूरे वार्डवासी सराहना कर रहे हैं। उसकी यह भक्ति और कला आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है कि सच्ची भक्ति और सृजनशीलता अगर मन में हो तो संसाधन कभी बाधा नहीं बनते। ईश्वर वासु की इस कला को और निखारे और उसे उज्ज्वल भविष्य प्रदान करे। नन्हे हाथों में अद्भुत कला यह है एल. मोक्ष सोनी (वासु) उम्र मात्र 10 वर्ष निवासी – वार्ड क्र. 3, चिखलाकसा छात्र – कक्षा 6वीं, सरस्वती शिशु मंदिर दल्लीराजहरा इस छोटे से बालक की बड़ी खासियत है कि ये हर त्योहार पर अपने हाथों से भगवान की मूर्ति बनाकर पूजा करता है। ना बाजार, ना दिखावा… बस अपने हाथों से सच्ची भक्ति! आज के मोबाइल के दौर में जहां बच्चे गेम में व्यस्त हैं, वहीं वासु की यह भक्ति और कला हम सभी के लिए प्रेरणा है। आप भी इस नन्हे कलाकार को आशीर्वाद और शुभकामनाएं जरूर दें।

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