बीजापुर,भोपालपट्टनम। भाजपा जिला अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष फारुख खान ने कांग्रेस द्वारा भाजपा नेताओं पर जमीन को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी जमीन संबंधी मामले का निर्णय आरोप-प्रत्यारोप के आधार पर नहीं, बल्कि दस्तावेजों और निष्पक्ष जांच के आधार पर होना चाहिए।
फारुख खान ने कहा कि नगर पंचायत चुनाव के समय जमीन के मुद्दे को सामने लाकर कांग्रेस अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में किए गए कार्यों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। जनता का ध्यान भाजपा पर लगाए जा रहे आरोपों की ओर चला जाए और कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल में हुए कार्यों तथा खर्च पर सवाल पीछे छूट जाएं—ऐसा माहौल बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को जमीन से जुड़े किसी मामले में आपत्ति है तो संबंधित दस्तावेज प्रशासन के सामने रखे और निष्पक्ष जांच की मांग करे। लेकिन इसके साथ कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि नगर पंचायत में अपने पांच वर्ष के कार्यकाल के दौरान उसने जनता के लिए क्या-क्या काम किए।
लगभग ₹3 करोड़ की निधि का हिसाब जनता के सामने आए
फारुख खान ने कहा कि जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि नगर पंचायत के विकास के लिए उपलब्ध राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया। नगर पंचायत में 15 पार्षद हैं। प्रत्येक पार्षद के लिए ₹3 लाख प्रतिवर्ष पार्षद निधि के हिसाब से 15 पार्षदों की एक वर्ष की निधि ₹45 लाख और पांच वर्षों की निधि ₹2 करोड़ 25 लाख होती है।
इसी प्रकार 10 हजार से कम आबादी वाली नगर पंचायत के लिए अध्यक्ष निधि ₹15 लाख प्रतिवर्ष के हिसाब से पांच वर्षों में ₹75 लाख होती है। इस प्रकार पार्षद निधि और अध्यक्ष निधि को मिलाकर पांच वर्षों में लगभग ₹3 करोड़ की राशि बनती है।
फारुख खान ने सवाल उठाते हुए कहा कि “पांच वर्षों में पार्षद और अध्यक्ष निधि के रूप में उपलब्ध लगभग ₹3 करोड़ की राशि आखिर किस वार्ड में, किस सड़क पर, किस नाली में, साफ-सफाई, पेयजल और अन्य विकास कार्यों में खर्च हुई? जनता को इसका वार्डवार और कार्यवार पूरा विवरण क्यों नहीं दिया जा रहा है?”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भाजपा पर आरोप लगाने से पहले अपने पांच वर्ष के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना चाहिए। कांग्रेस बताए कि पांच वर्षों में कौन-कौन से प्रमुख विकास कार्य किए गए, किस कार्य में कितनी राशि खर्च हुई और उन कार्यों का परिणाम आज जमीन पर कहां दिखाई दे रहा है।
फारुख खान ने कहा, “अगर कांग्रेस ने पांच साल में बेहतर काम किया है तो उसे जनता के सामने अपने कार्यों की सूची रखने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। एक-एक प्रमुख कार्य जनता को बताया जाए। केवल चुनाव के समय जमीन के मुद्दे उठाकर अपने पांच साल के कार्यकाल से जुड़े सवालों से बचने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी व्यक्ति पर व्यक्तिगत आरोप नहीं लगा रहे हैं, बल्कि जनता के पैसे का पारदर्शी हिसाब मांग रहे हैं। नगर पंचायत को पिछले पांच वर्षों में प्राप्त निधि और विकास कार्यों का वार्डवार, कार्यवार एवं मदवार विवरण सार्वजनिक करना चाहिए।
फारुख खान ने कहा कि भोपालपट्टनम की जनता अब आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है। जनता यह जानना चाहती है कि पांच वर्षों में नगर के विकास के लिए उपलब्ध राशि कहां खर्च हुई और उसका परिणाम धरातल पर कितना दिखाई देता है।








