जयपुर नीरज शर्मा मर्डर केस : परिजनों ने उठाए पुलिस जांच पर सवाल, CBI जांच की मांग; 4 महीने पहले दी थी शिकायत

जयपुर। जयपुर के चर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब मृतका के परिजनों ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की है। परिवार का आरोप है कि यदि पुलिस ने चार महीने पहले दर्ज कराई गई शिकायत पर समय रहते कार्रवाई की होती, तो नीरज शर्मा की जान बचाई जा सकती थी।

चार महीने पहले दी थी शिकायत

मृतका के मामा राकेश शर्मा और रिश्तेदार चंद्र प्रकाश शर्मा के अनुसार, नीरज शर्मा ने 1 मार्च 2026 को सांगानेर थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की, कपड़े फाड़े, सोने-चांदी के गहने और करीब 15 लाख रुपये की नकदी व सामान लूट लिया। साथ ही घर पर अवैध कब्जे की कोशिश का भी आरोप लगाया गया था।

परिजनों का कहना है कि पुलिस ने न तो एफआईआर दर्ज की और न ही मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई की। उनका आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण आरोपियों के हौसले बढ़े और बाद में नीरज शर्मा की हत्या कर दी गई।

पति की मौत की भी CBI जांच की मांग

परिवार ने नीरज शर्मा के पति विजय शर्मा की वर्ष 2025 में हुई मौत पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पति की मौत, चोरी की घटना और नीरज शर्मा की हत्या के बीच संबंध हो सकते हैं। ऐसे में दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच CBI से कराई जानी चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि 4 जुलाई 2026 को जयपुर के प्रतापनगर इलाके में 45 वर्षीय नीरज शर्मा की स्कॉर्पियो की टक्कर से मौत हुई थी। शुरुआत में इसे सड़क हादसा माना गया, लेकिन पुलिस जांच में इसे सुनियोजित हत्या बताया गया। समयऔर कैलेंडर

पुलिस के अनुसार, नीरज शर्मा की बेटी आयुषी शर्मा कथित रूप से अनुकंपा नियुक्ति पाने की लालच में इस साजिश में शामिल थी। मामले में अब तक आयुषी समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि उसका चचेरा भाई बलराम अभी भी फरार है।

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