जानलेवा हमला करने वाले दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार

स्टील के पंच और धारदार चाकू से किया था हमला, संगठित अपराध की धारा 111 बीएनएस भी जोड़ी गई

भाटापारा शहर में पुरानी रंजिश को लेकर स्टील के पंच और धारदार चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अभिषेक यदु और मनीष कुमार उर्फ पार्षद यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी मनीष कुमार के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्टील का पंच भी जब्त किया है। मामले में पूर्व में तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111 के तहत संगठित अपराध का प्रावधान भी जोड़ा है।

पुरानी रंजिश में किया था हमला

पुलिस के अनुसार, सुभाष वार्ड निवासी अभिषेक वर्मा उर्फ दादू (28 वर्ष) ने थाना भाटापारा शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 13 अगस्त 2026 को शाम करीब 6:05 बजे वह अपने साले भारत साहू के साथ जा रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर आरोपियों ने एकजुट होकर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।

आरोप है कि मनीष कुमार उर्फ पार्षद यादव ने स्टील के पंच से अभिषेक वर्मा के माथे और नाक पर वार कर गंभीर चोट पहुंचाई। वहीं, सागर धीवर ने धारदार चाकू से भारत साहू के सिर, आंख और हाथ पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 252/2026 दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की।

गैंग की तरह दहशत फैलाने की थी कोशिश

पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर संगठित होकर अन्य गुटों से रंजिश रखते थे और धारदार हथियारों से हमला कर शहर में भय का माहौल बनाकर अपना दबदबा कायम करना चाहते थे। आगामी नवरात्रि और दशहरा पर्व के मद्देनजर शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज की और विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की।

विवेचना के दौरान पुलिस ने पहले ऋषभ राठौर, वेद प्रकाश नगरची और मोनू यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लगातार पतासाजी के बाद 9 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर अभिषेक यदु और मनीष कुमार उर्फ पार्षद यादव को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद मनीष कुमार के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया स्टील का पंच जब्त किया गया।

न्यायालय में पेश करने की तैयारी

पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 9 अक्टूबर को उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शहर में गुंडा-बदमाशों, असामाजिक तत्वों और संगठित होकर अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बनी रहे और आगामी त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों।

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