कमल कुमार मेश्राम,राजनांदगांव जिला पंचायत राजनांदगांव की साधारण सभा में सम्मिलित होकर क्षेत्र की जनसमस्याओं को प्रमुखता और मजबूती के साथ उठाया तथा संबंधित अधिकारियों से इनके त्वरित निराकरण की मांग की।
🔹 जल जीवन मिशन की बदहाली: जिले में सैकड़ों पानी टंकियों का काम अधूरा, ठेकेदार भुगतान के लिए परेशान और जनता स्वच्छ पेयजल के लिए इंतजार कर रही है।
🔹 ठेकवा के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़: डोंगरगांव विधानसभा के ग्राम ठेकवा में प्राथमिक विद्यालय का संचालन कचरा संग्रहण केंद्र में होना बेहद शर्मनाक है। जर्जर स्कूल भवन के लिए ग्रामीण कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समाधान अब तक नहीं हुआ।
🔹 सड़कों की दुर्दशा: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हैं। जनता रोजाना परेशानी झेलने को मजबूर है।
🔹 बिजली संकट और महंगे बिल: ट्रांसफार्मरों की कमी, बार-बार ट्रांसफार्मर जलने और बढ़ते बिजली बिलों से किसान एवं आम उपभोक्ता परेशान हैं। बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
🔹 प्रधानमंत्री आवास योजना की हकीकत: निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों के कारण हितग्राहियों के लिए स्वीकृत राशि में मकान बनाना मुश्किल हो गया है। रेत की उचित दरों पर उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि गरीब परिवार कर्ज के बोझ तले न दबें।
तीन साल का सुशासन या सिर्फ प्रचार?
तीन साल से सुशासन का ढोल पीटने वाली भाजपा सरकार की जमीनी हकीकत इन समस्याओं से साफ उजागर होती है। कहीं अधूरी पानी टंकियां, कहीं कचरा संग्रहण केंद्र में पढ़ते बच्चे, कहीं गड्ढों में तब्दील सड़कें, तो कहीं बिजली संकट से जूझते किसान और महंगे निर्माण के कारण परेशान गरीब परिवार!
भाजपा सरकार का विकास सिर्फ खोखले वादों और झूठे प्रचार तक सीमित नजर आ रहा है। विज्ञापनों में विकास की चमक है, लेकिन जमीन पर समस्याओं का अंबार है।
सुशासन का दावा बड़ा-बड़ा, लेकिन जमीनी हकीकत—जीरो बटे सन्नाटा!
जनता को प्रचार नहीं, परिणाम चाहिए; खोखले वादे नहीं, धरातल पर विकास चाहिए। जनहित के मुद्दों को सदन में उठाना और जनता को उनका अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष करना हमारी प्राथमिकता है।






