- 165 फिल्मों के बीच बनाई जगह, थाना प्रभारी आशीर्वाद रहटगांवकर ने निभाई अतिथि कलाकार की भूमिका
दीपक अवस्थी,डोंगरगांव। साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित साइबर जागृत अभियान 2026 फिल्म फेस्टिवल में डोंगरगांव में बनी शॉर्ट फिल्म गुपचुप ठेला ने तीसरा स्थान हासिल किया है। फिल्म को 50 हजार रुपए की पुरस्कार राशि मिली है। पीके प्रोडक्शन के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्माण प्रकाश पटेल ने किया है। फिल्म में डोंगरगांव थाना प्रभारी आशीर्वाद रहटगांवकर ने अतिथि कलाकार की भूमिका निभाई है।
रायगढ़ एसपी शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस फिल्म फेस्टिवल में 165 शॉर्ट फिल्मों ने हिस्सा लिया था। साइबर ठगी के एक वास्तविकता से जुड़े घटनाक्रम और आम परिवार पर उसके प्रभाव को दर्शाती ‘गुपचुप ठेला’ ने प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया।
*लोन की रकम खाते में आते ही साइबर ठगी*
फिल्म की कहानी एक गरीब परिवार की है, जो अपना गुपचुप ठेला शुरू करने के लिए बैंक से लोन लेता है। परिवार को उम्मीद रहती है कि इस रकम से उसका छोटा कारोबार शुरू होगा और आर्थिक स्थिति सुधरेगी। इसी बीच एक ठग बैंक अधिकारी बनकर परिवार की महिला को फोन करता है और उससे ओटीपी मांग लेता है। ओटीपी साझा करते ही खाते से लोन की रकम गायब हो जाती है।
ठगी का शिकार होने के बाद परिवार पुलिस की मदद लेता है। पुलिस तत्काल कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम को होल्ड करवाती है, जिससे पीड़ित परिवार की राशि बच जाती है। फिल्म के माध्यम से बताया गया है कि साइबर ठग किस तरह बैंक अधिकारी बनकर लोगों को निशाना बनाते हैं और छोटी-सी लापरवाही से मेहनत की कमाई खतरे में पड़ सकती है।
*डोंगरगांव के बस स्टैंड और एसबीआई शाखा में शूटिंग*
फिल्म की शूटिंग डोंगरगांव के बस स्टैंड और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) शाखा सहित स्थानीय स्थानों पर की गई। स्थानीय परिवेश में तैयार इस फिल्म में साइबर अपराध से बचाव का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में थाना प्रभारी आशीर्वाद रहटगांवकर की अतिथि कलाकार के रूप में भागीदारी भी रही।
फिल्म के जरिए लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी न बताएं। फोन पर बैंक अधिकारी होने का दावा करने वाले व्यक्ति के साथ बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर रकम को बचाने का प्रयास किया जा सके।






