संदीप यादव, मुंगेली – शहर में नगर पालिका की कारस्तानी देखिए। जहाँ एक तरफ मनुराज टॉकीज वाली गली के पास मेन रोड में पाइप फट कर फव्वारे की तरह पानी बह रहा है, कोई सुध लेने वाला ही नहीं, रास्ता बाधित हो रहा है, आने-जाने में परेशानी हो रही है और बुजुर्ग सड़क पर बाल्टी से पानी भरने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ इस लीकेज को रोकने के लिए जो जुगाड़ किया गया है, वो देख कर आप हंसोगे भी और गुस्सा भी आएगा।
जंग लगी लोहे की बड़ी पाइपलाइन को जोड़ने के लिए न तो नया जॉइंट लगाया गया, न वेल्डिंग की गई। बल्कि सायकल की ट्यूब काट कर और काली पन्नी लपेट कर ऊपर से तार से बांध दिया गया है। इसी ट्यूब वाले जुगाड़ से मुंगेली के दाऊपारा चौक, पड़ाव चौक, पुराना बस स्टैंड चौक, के वार्ड 1, 2, 18, 19, 22 में पानी सप्लाई हो रही है।
जाहिर है, सुबह जब तेज प्रेशर से पानी आता है तो ये ट्यूब वाला जुगाड़ खुल जाता है और हजारों लीटर पानी नाली में बह जाता है। यही कारण है कि घरों में बूंद-बूंद को लोग तरस रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है – “बजट तो लाखों का आता है पाइपलाइन बदलने के लिए, लेकिन यहाँ फ्री की सायकल ट्यूब के जुगाड तंत्र से से काम चलाया जा रहा है। बाकी पैसा जाता कहां है?” जनता पानी टैक्स क्यों देती है कि उन्हें नाली के गंदे पानी पीना पड़े , या फिर बीमार पड़ने के लिए
टैक्स पूरा लिया जाता है
दाऊपारा स्थित वार्ड वासी महिलाएं कहती है टैक्स तो पूरा लिया जाता है लेकिन आय दिन मोटर खराब या नसे में चूर किसी सप्लायर (कर्मचारी) के लापरवाही का दंश हमे झेलना पड़ता है महीने में मुश्किल से 20 दिन पानी आती है अभी हाल ही में 10 दिन से दाऊपारा स्थित दुर्गा मेडिकल के सामने बोर खराब थी जो 10 से 11 दिन दिन बाद ठीक की गई जिसके तुरंत 2 दिन बाद फिर से खराब हो गई क्या ये काम चालू काम थी ????
एक ओर देखा जा सकता है नगर पालिका के अध्यक्ष जी छोटी मोटी समस्या को दुरुस्त करते ही तुरंत उसका श्रेय लेने से पीछे नहीं हटते तो क्या ये गंभीर समस्या का समाधान निकालने की उनकी जिम्मेदारी नहीं बनती? इस बात को क्यों नहीं बताते कि हमारी असफलता के कारण आज नगर के वार्डों में पानी की किल्लत हो रही है।
कहीं ऐसा तो नहीं हो रहा कि टूटे-फूटे पाइप के जरिए से नालियों का गंदा पानी आपके घरों तक पहुंच रहा है? क्या ये छोटी-मोटी समस्या है? नालियों के पास लगी पाइप सड़ चुकी है, उसे बदला नहीं जा रहा है। इससे लोगों की जान से खिलवाड़ हो रही है और डायरिया, पीलिया, टाइफाइड जैसी बड़ी-बड़ी बीमारियां होने की संभावना है।
जनता पूछ रही है – क्या सायकल ट्यूब से ही मुंगेली की प्यास बुझेगी?








