भाटापारा। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक जुआ खिलाने वाले गिरोह सक्रिय होने लगते हैं। त्योहार के दौरान जुए के फड़ सजने और लाखों रुपए के दांव लगाए जाने की आशंका रहती है। जुआ संचालित करने वाले गिरोह शहर के साथ ही गांवों में भी अपने ठिकाने तलाशने लगते हैं।
शहर में सुनसान स्थानों, निजी मकानों और अन्य ठिकानों पर जुआ संचालित किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी गांव के बाहर खेतों, फार्म हाउस और सुनसान स्थानों पर जुए के फड़ जमने की आशंका रहती है। जुआ संचालक फड़ चलाने के एवज में जुआरियों से कमीशन के रूप में मोटी रकम वसूलते हैं।
शहर और गांवों में निगरानी की जरूरत
दीपावली के दौरान जुआ खिलाने वाले गिरोहों की सक्रियता रोकना पुलिस के लिए चुनौती रहती है। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी पुलिस की निगरानी और गश्त बढ़ाने की जरूरत है। संभावित ठिकानों पर नजर रखने के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय करना जरूरी है, ताकि अवैध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
सूचना देने वालों की पहचान रखी जाए गोपनीय
जुआ-सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए आम नागरिकों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। पुलिस द्वारा लोगों से अपील की जानी चाहिए कि कहीं भी जुआ संचालित होने की जानकारी मिलने पर तत्काल सूचना दें। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाए, ताकि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में दीपावली का त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।







