कमलकांत पाटनवार
बिलासपुर
13 अक्टूबर से प्रारंभ हुई पटवारियों की हड़ताल आज 18 दिनों बाद भी जारी है। तीन सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए पटवारियों के अभी भी काम पर लौटने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इधर जिले के सभी पटवारी कार्यालयों में तालेबंदी है, जिससे राजस्व संबंधी कोई कामकाज नहीं होने के कारण पक्षकारों की परेशानी बढ़ गई है।
प्रदेश में इन दिनों राजस्व व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हालत में नजर आ रही है। इसके पीछे पटवारियों के 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाना है। पटवारियों द्वारा अपनी तीन सूत्रीय मांगों पटवारी से आरआई प्रमोशन, वेतन निर्धारण का निराकरण एवं पीवी एप के बहिष्कार को लेकर हड़ताल की जा रही है। ज्ञात हो कि बीते अठारह दिनों से लगातार पटवारियों की प्रदेश स्तर पर हड़ताल जारी रहने के कारण एक ओर जहां राजस्व विभाग के जमीनी स्तर के काम ठप हो चुके हैं, वहीं आम पक्षकारों को परेशान होना पड़ रहा है। पक्षकारों के जाति-निवास, आमदनी, बटांकन, फौती-नामांतरण त्रुटि सुधार एवं डायवर्सन जैसे मूलभूत काम भी संपन्न नहीं हो पा रहे हैं। पटवारी संघ के अनुसार उनकी मांगों की पूर्ति को लेकर शासन स्तर पर लगातार वार्ता जारी है, लेकिन सफल नहीं हो पाने के कारण हड़ताल समाप्त नहीं हो पा रही है संगठन ने फिलहाल हड़ताल समाप्त कर काम पर वापसी जैसी स्थिति से इंकार किया है। ज्ञात हो कि जिले के सारे पटवारी कार्यालयों में तालेबंदी है।
की जा रही है वार्ता
पटवारियों की हड़ताल अब भी जारी है। अपनी तीन सूत्रीय मांगों की पूर्ति के लिए मुख्यालय स्तर पर शासन से वार्ता जारी है। शासन द्वारा मांग पूरी नहीं करने की स्थिति में राज्य स्तर पर संगठन द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार रणनीति बनाई जाएगी। फिलहाल काम पर वापसी की संभावना नहीं है।
– विजय भारत साहू जिलाध्यक्ष पटवारी संघ







