रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में साइक्लोन अर्नब के असर से पिछले कुछ दिनों से जारी झमाझम बारिश का दौर अब थमने वाला है। बीते 28 अक्टूबर से शुरू हुआ भारी वर्षा का सिलसिला अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग से मिले संकेतों के मुताबिक, चक्रवाती तूफान का प्रभाव कम होते ही हवाओं का रुख बदलेगा और आने वाले दिनों में लोगों को एक बार फिर तीखी धूप का सामना करना पड़ेगा।
कुसमी में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश
बीते शुक्रवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए रहे और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं। मौसम का सबसे उग्र रूप राज्य के उत्तरी इलाकों में देखने को मिला, जहां लगातार भारी बारिश का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 28 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। इसके अलावा भी कई नदी-नाले उफान पर आ गए।
तापमान में भारी बढ़ोतरी की संभावना
राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने अब चक्रवात के कमजोर पड़ने की पुष्टि कर दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले दो दिनों के भीतर प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। बारिश के कारण वातावरण में जो हल्की ठंडक या उमस महसूस हो रही थी, वह अब समाप्त हो जाएगी और एक बार फिर से तेज गर्मी का असर देखने को मिलने लगेगा।
अन्नदाताओं पर टूटा बेमौसम आफत का पहाड़
इस पूरे चक्रवाती तंत्र के कारण राज्य के किसानों को सबसे ज्यादा मौसम की मार झेलनी पड़ी है। दीपावली के इस सीजन में जब धान की फसल पूरी तरह पककर तैयार थी और कटाई का काम चल रहा था, तभी हुई इस बेमौसम भारी बारिश ने खेतों में खड़ी और काटकर रखी गई फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। फसलें पानी में डूबने और तेज हवाओं से बिछ जाने के कारण किसानों के सामने भारी संकट खड़ा हो गया है।







