भाटापारा/ पूर्व कृषि उपज मंडी अध्यक्ष सुशील शर्मा ने राज्य सरकार के उस आदेश को अदूरदर्शितापूर्ण बताया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर पर सभी सरकारी कार्यालयों में एक तय संख्या में दीये जलाने को कहा गया है। शर्मा ने इसे जनविरोधी निर्णय बताया। तुगलकी फरमान कहा।
उन्होंने कहा कि इससे सरकार की तानाशाही और संवेदनशीलता की पोल फिर खुल रही है। सरकार दिखावा कर रही है। शर्मा ने कहा कि ग्रामीण आमजन अघोषित बिजली कटौती से त्रस्त है। भाटापारा विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में आज भी लगातार बिजली कट रही है। किसान, मजदूर, ग्रामीण लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली अधिकारी मदमस्त हाथी की तरह ग्रामीण इलाकों में घूम रहे हैं। बिजली कनेक्शन काट रहे हैं। गांवों को अंधेरे में धकेल रहे हैं।भारी-भरकम बिल से लोग भयभीत हैं। बिल कम कराने के लिए बिजली दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि ऐसी स्थिति में दीये जलाने का आदेश जनता के गहरे जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। यह प्रधानमंत्री को खुश करने का प्रयास है। वाहवाही लूटने की कोशिश है। उन्होंने इसे अंधकार में डूबे ग्राम पंचायत कार्यालयों और भारी बिल से परेशान ग्रामीणों के साथ क्रूर मजाक बताया। प्रदेश प्रतिनिधि और पूर्व मंडी अध्यक्ष सुशील शर्मा ने मुख्यमंत्री से मांग की कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर तत्काल अघोषित बिजली कटौती बंद की जाए।








