नई दिल्ली।पीएम मोदी के मार्गदर्शन में परीक्षा सुधार टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो कि एनटीए की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम करेगा. सरकार ने हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है. अपने क्षेत्र के इन 6 एक्सपर्ट पर अब देश का एंट्रेंस एग्जाम सिस्टम बदलने की जिम्मेदारी है।
- टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि को इसका चेयरमैन बनाया गया है. इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि भारत के आधार डिजिटल आइडेंटिटी प्रोग्राम के जनक माने जाते है. उनके पास बेहतरीन तकनीकी प्रणालियों को संचालित करने का व्यापक अनुभव है।
- IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रोफेसर वी कामाकोटी टॉस्क फोर्स एकेडमिक और रिसर्च कम्युनिटी का प्रतिनिधित्व करेंगे. जनवरी 2022 से IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रो. वी. कामाकोटी एक कंप्यूटर साइंटिस्ट हैं, जो कंप्यूटर आर्किटेक्चर, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी और VLSI डिजाइन में माहिर हैं.
- अनीता करवाल गुजरात कैडर की 1988 बैच की IAS अधिकारी है. नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई. उनके पास पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में 35 साल से अधिक का अनुभव है।
- IPS तपन डेका IB के डायरेक्टर रह चुके हैं. एक अनुभवी इंटेलिजेंस अधिकारी होने के कारण केंद्र सरकार ने दो बार उनका कार्यकाल बढ़ाया. उनके प्रमुख अभियानों में 26/11 मुंबई हमले, इंडियन मुजाहिदीन के खिलाफ कार्रवाई और जम्मू-कश्मीर व पूर्वोत्तर में सुरक्षा अभियान शामिल हैं।
- इसरो के पूर्व चैयरमैन डॉ. एस सोमनाथ को इसरो को नई पहचान देने वाले चैयरमैन के तौर पर जाना जाता है. उन्हें कॉम्पलैक्स टेक्नोलॉजिकल मिशन और लार्ज स्केल साइंटिफिक इंस्टीट्यूशन में एक्सपीरियंस के चलते टास्क फोर्स में शामिल गया है।
- वरिष्ठ IAS अधिकारी अमृत लाल मीणा बिहार में मुख्य सचिव के रूप में अपनी सेवा दे चुके हैं. अपने एडमिनिस्ट्रेटिव और लॉजिस्टिक एक्सपर्टीज से जुड़ी विशेषज्ञता के लिए जाने जाने वाले सीनियर ब्यूरोक्रैट अमृत लाल मीना इस 6 सदस्य वाले टास्क फोर्स में शामिल है।






