कवर्धा। जिले के नरोधी गांव में एक महिला को कथित तौर पर पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश का मामला सामने आया है। घटना में 26 वर्षीय लीला पाली गंभीर रूप से झुलस गईं। पीड़िता ने अपने ससुर रूप सिंह पाली और सास कुंती पाली पर घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में उपचार के लिए ले जाया गया। शरीर के कई हिस्सों में झुलसने के कारण उनकी स्थिति लंबे समय तक गंभीर बनी रही। इलाज के बीच ही उन्होंने पुलिस के सामने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और अपने सास-ससुर पर गंभीर आरोप लगाए।लीला का कहना है कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर एफआईआर तो दर्ज कर ली, लेकिन नामजद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं की गई है। इसी बात को लेकर उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि गंभीर रूप से झुलसने के बावजूद उन्हें न्याय के लिए लगातार पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी शारीरिक स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और घर में दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी भी है। इसके बावजूद उन्हें बार-बार कार्रवाई की मांग को लेकर अधिकारियों तक पहुंचना पड़ रहा है। लीला के मुताबिक, उन्होंने मामले में जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कबीरधाम एसपी को भी लिखित शिकायत दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि नामजद आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी नहीं होने के कारण उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। पीड़िता ने यह भी दावा किया कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लीला का कहना है कि कार्रवाई में हो रही देरी से उनकी परेशानी बढ़ रही है और उन्हें आशंका है कि यदि समय पर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो उनकी सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और शिकायत में नामजद आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर जल्द कार्रवाई की जाए। मामले को लेकर कबीरधाम एसपी जितेंद्र यादव ने बताया कि महिला की शिकायत और आरोपों के आधार पर प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की विवेचना जारी है और जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि घटना की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए बयान, चिकित्सकीय दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि घटना किस तरह हुई और आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल गंभीर रूप से झुलसी महिला की ओर से गिरफ्तारी में देरी को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद मामला चर्चा में है। अब निगाहें पुलिस की आगे की जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।






