प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए पीएम मोदी का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार अब विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी। लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों की फीस गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ डालती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना लेकर आ रही है। गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को मिलेगा लाभ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। लेकिन महंगी कोचिंग फीस के कारण कई प्रतिभाशाली छात्र पीछे रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति किसी भी युवा के सपनों में बाधा नहीं बननी चाहिए। सरकार का प्रयास है कि हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और तैयारी के समान अवसर मिलें। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था से खासतौर पर गरीब, मध्यम वर्ग और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डिजिटल तकनीक ने शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा की हैं। ऑनलाइन माध्यम से देश के किसी भी हिस्से में रहने वाला छात्र बेहतर शिक्षकों और अध्ययन सामग्री तक पहुंच बना सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार तकनीक का इस्तेमाल कर शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग पहल के जरिए छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञों की सहायता उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।  प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में बढ़ती लागत देश में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), बैंकिंग, रेलवे और अन्य सरकारी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्र हैं। कई छात्र बेहतर तैयारी के लिए बड़े शहरों में जाकर कोचिंग लेते हैं। इससे फीस के साथ-साथ रहने, खाने और यात्रा का खर्च भी बढ़ जाता है। ऐसे में ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए यह चुनौती बन जाती है। प्रधानमंत्री की इस घोषणा को ऐसे छात्रों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है। युवाओं पर सरकार का फोकस प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।भौगोलिक संदर्भ उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा भी इसी दिशा में एक कदम मानी जा रही है। शिक्षा में समान अवसर का लक्ष्य प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में हर युवा को अपनी प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें किसी छात्र की सफलता केवल उसकी आर्थिक स्थिति पर निर्भर न हो। ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा कोरोना महामारी के बाद ऑनलाइन शिक्षा का महत्व तेजी से बढ़ा है। अब सरकार भी डिजिटल माध्यमों के जरिए शिक्षा को अधिक व्यापक बनाने पर जोर दे रही है। मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को घर बैठे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का अवसर मिलेगा। छात्रों में बढ़ी उम्मीद प्रधानमंत्री की इस घोषणा के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों में उम्मीद बढ़ी है। खासतौर पर छोटे शहरों और गांवों के छात्रों को इसका लाभ मिलने की संभावना है। छात्रों का कहना है कि यदि अच्छी गुणवत्ता वाली कोचिंग और मार्गदर्शन ऑनलाइन माध्यम से मुफ्त उपलब्ध होगा तो आर्थिक बाधाएं काफी हद तक कम हो सकती हैं। विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ा कदमभौगोलिक संदर्भ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। इसके लिए युवाओं को शिक्षा, रोजगार और कौशल के बेहतर अवसर देना जरूरी है। मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा को युवाओं को सशक्त बनाने और प्रतियोगी परीक्षाओं में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार की इस पहल से आने वाले समय में लाखों छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक सीमाओं के कारण महंगी कोचिंग से दूर रह जाते हैं।

 

 

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