बड़ी लापरवाही : छुट्टी के बाद कक्षा में बंद रह गई पहली की छात्रा, रात 8 बजे ग्रामीणों ने बचाया

कुरूद। छत्तीसगढ़ के कुरूद क्षेत्र में पीएमश्री प्राथमिक शाला कठौली में शिक्षकों की कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल की छुट्टी के बाद भवन में ताला लगा दिया गया, लेकिन कक्षा पहली में पढ़ने वाली एक मासूम छात्रा अंदर ही बंद रह गई। कई घंटे तक बच्ची कक्षा के अंदर कैद रही और रात करीब 8 बजे ग्रामीणों ने उसकी रोने की आवाज सुनकर स्कूल का ताला तोड़ा और उसे सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।  छुट्टी के बाद घर नहीं पहुंची छात्रा जानकारी के अनुसार पीएमश्री प्राथमिक शाला कठौली में रोज की तरह स्कूल संचालित हुआ। छुट्टी होने के बाद सभी बच्चे अपने-अपने घर चले गए। इसी दौरान कक्षा पहली की एक छात्रा किसी कारणवश कक्षा के अंदर ही रह गई और शिक्षकों ने बिना जांच किए स्कूल में ताला लगा दिया। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने आसपास और स्कूल परिसर में उसकी तलाश शुरू की। देर शाम तक बच्ची का कोई पता नहीं चलने पर ग्रामीण भी उसकी खोज में जुट गए।  रात में सुनाई दी बच्ची की आवाज बताया जा रहा है कि रात करीब 8 बजे ग्रामीणों को स्कूल परिसर से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। जब लोगों ने अंदर जाकर देखा तो छात्रा कक्षा के अंदर बंद थी। ग्रामीणों ने तुरंत स्कूल का ताला तोड़ा और बच्ची को बाहर निकाला। कई घंटों तक कक्षा में बंद रहने के कारण बच्ची भूख-प्यास से परेशान हो चुकी थी। ग्रामीणों ने उसे बाहर निकालकर परिजनों को सौंपा। राहत की बात रही कि समय रहते बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, अन्यथा बड़ी अनहोनी हो सकती थी। शिक्षकों की जिम्मेदारी पर उठे सवाल घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि स्कूल बंद करने से पहले यह सुनिश्चित करना शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि सभी बच्चे कक्षाओं से बाहर निकल चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद प्रधानपाठक ललित साहू और अन्य शिक्षकों ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय मामले का दोष स्कूल के स्वीपर पर डालने का प्रयास किया। लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका मिश्रा ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने घटना की जांच के लिए टीम गठित कर दी है। साथ ही स्थानीय नोडल अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिक्षा विभाग की ओर से संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पीएमश्री स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल इस घटना ने पीएमश्री विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार की ओर से स्कूलों को बेहतर सुविधाओं और सुरक्षित वातावरण के लिए विकसित किया जा रहा है, लेकिन इस तरह की लापरवाही व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को छुट्टी के समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए, जिससे अन्य स्कूलों में भी जिम्मेदारी और सतर्कता बनी रहे।

 

 

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