बस्तर : जगदलपुर शहर के माड़िया चौक का नाम बदलकर ” विकसित भारत’ किए जाने का विरोध

रमेश कुमार सलाम। जगदलपुर के माडिया चौक का नाम बदलकर ” विकसित भारत’ किए जाने की प्रस्तावित / की गई कार्रवाई के संबंध में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं क्षेत्रवासियों एवं आदिवासी समाज में रोष एवं असंतोष व्याप्त है।

माडिया चौक केवल एक स्थान का नाम नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की स्थानीय पहचान, इतिहास, संस्कृति एवं सामाजिक स्मृतियो से जुड़ा हुआ है। ऐसा महत्वूर्ण एवं प्रचलित नाम को बदलना स्थानीय जनभावनाओ और क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान की अनदेखी है। हमारा स्पष्ट मत है कि विकास के नाम पर किसी क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए यदि विकास कार्य किए जाने है तो उनका स्वागत है लेकिन स्थानीय लोगों की भावनाओं और जनमत को ध्यान में रखते हुए किसी सार्वजनिक स्थल का नामकरण किया जाना चाहिए। बस्तर के जगदलपुर शहर के माडिया चौक का ये नाम यहां की आदिवासी संस्कृति, इतिहास, परंपरा और पहचान से जुड़े हुए हैं माडिया चौक का नाम बदलकर ” विकसित भारत किया जाना भी बस्तर के सांस्कृतिक पहचान को प्रभावित करने वाला कदम है। बस्तर में देश विदेश से बस्तर की संस्कृति एवं पर्यटन स्थल को देखने के लिए पर्यटक आते है और बस्तर के जगदलपुर शहर में इस चौक से गुजरते है तो बस्तर की संस्कृति का झलक माडिया चौक में दिखता है। सरकार द्वारा पूर्व में भी बस्तर के स्कूल कॉलेजो एवं चौक चौराहों के प्राचीन नामों को बदला गया है और वर्तमान कुछ प्राचीन नाम है उन्हें भी बदला जा रहा है जो बस्तर के इतिहास एवं संस्कृति को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। भारत आदिवासी पार्टी छत्तीसगढ़ इसका पूर जोर विरोध करता है और सरकार से मांग करता है कि जगदलपुर के माडिया चौक का नाम यथावत रखा जाए और स्थानीय जन भावनाओं का सम्मान किया जाए।

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