मानवता बड़ी या उत्सव? दाऊपारा समिति का दिल जीतने वाला फैसला

संदीप यादव मुंगेली। त्योहारों के शोर में अक्सर इंसानियत कहीं पीछे छूट जाती है, लेकिन दाऊपारा की हरि ॐ दुर्गोत्सव समिति ने इस बार सबको एक बड़ा संदेश दिया है।

दरअसल आज दोपहर 01:00 बजे माँ दुर्गा का भव्य आगमन होना था। बैंड-बाजा, आतिशबाजी और धूमधाम से माता रानी का स्वागत करने की पूरी तैयारी थी। लेकिन तभी समिति के एक प्रमुख सदस्य चक्रधारी परिवार के यहाँ आकस्मिक दुःखद घटना घट गई।

बस फिर क्या था, पूरी समिति ने एक सुर में फैसला लिया – जश्न नहीं, परिवार पहले।

समिति ने तय किया कि माँ दुर्गा का आगमन बिना किसी बैंड-बाजा, डीजे और आतिशबाजी के, पूरी सादगी और शांति के साथ किया जाएगा। साथ ही 19 अक्टूबर नवमी को होने वाला जसगीत सम्राट श्री देवेश शर्मा जी का बहुप्रतीक्षित जगराता कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया है।

समिति ने कहा – “हमारी समिति सिर्फ समिति नहीं, एक परिवार है। सुख-दुःख में हम सब एक साथ हैं।”

समिति के इस फैसले की पूरे शहर में दिल खोलकर तारीफ हो रही है। लोगों का कहना है कि यही है सच्ची भक्ति और सच्ची मानवता।

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