डोंगरगांव/राजनांदगांव। बारिश के पहले शिवनाथ नदी किनारे रेत माफियाओं द्वारा अवैध तरीके से रेत डंप किया गया है। जिसमें डोंगरगांव के दर्जनभर इलाका शामिल है। इसके आलावा राजनांदगांव से लगे हल्दी और मोहारा व नंदई इलाको में भी व्यापक पैमाने पर रेत डंप किए गए है। जिसे 25 हजार हाईवा तक बेचा जा रहा है। गर्मी में सक्रिय हुए रेत माफियाओं ने नदी से बड़े पैमाने रेत निकाली है।
डोंगरगांव के रायतायली, आसरा, सुखरी, अर्जुनी, खुज्जी, बरगांव, मटिया, सांकरदाहरा और दर्री जैसे गांव में अवैध रेत डंप करने की शिकायते मिल रही है। इसके आलावा रायतापायली, बेंदरकटा, गनेरी और मनेरी में भी अवैध रेत डंप किए गए है। इसके आलावा राजनांदगांव में नदी किनारे लगे गांव हल्दी, मोहारा, सिंगदई, बांकल, पनेका, जंगेलसर में रेत डंप किए गए है।
खनिज विभाग द्वारा ऐसे प्रकरणों पर कार्यवाही नही की जा सकी है ।शहर के नंदई चौक से लेकर शिवनाथ नदी जाने वाले मार्ग तक सड़क किनारे जगह जगह अवैध रेत डंप किए गए है। जबकि इसके लिए खनिज विभाग से स्टोरेज की अनुमति भी नही ली गई है। नंदई चौक से मोहारा तक मनमानी तरीके से रेत डंप कर महंगे दाम पर बेचने माफिया सक्रिय हो गए है।
पता चला कि शिवनाथ नदी से निकलने वाले रेत की अवैध तस्करी जमकर हो रही हैं। जिले में चार रेत खदानों की नीलामी की जा चुकी है। नीलामी के बाद उम्मीद थी कि प्रशासन द्वारा सस्ते दर रेत उपलब्ध कराया जाएगा। लेकिन नीलामी के छह माह बीतने के बाद भी पर्यावरण स्वीकृति के चक्कर में खदान से रेत का संचालन शुरू नही हो सका, यही कारण है कि जिले में अवैध रेत खनन चरम पर पहुंचा। इस संबंध में भरत बंजारे, सहायक खनिज अधिकारी, राजनांदगांव का कहना है कि रेत डंप के लिए विधिवत स्टोरेज लाइसेंस लेना जरूरी है। अवैध रेत डंप मामले में लगातार कार्यवाही हो रही है।






