ब्रेकिंग न्यूज़: दुर्ग संभाग में 15 अगस्त तक पूरी होगी शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया, DPI का सख्त आदेश

दुर्ग/रायपुर: छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने छत्तीसगढ़ के सभी संभागों सहित दुर्ग संभाग के संभागीय संयुक्त संचालक (JD) और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को कड़े निर्देश जारी किए हैं. आदेश के मुताबिक, शैक्षणिक, प्रशासनिक, लिपिकीय और अलिपिकीय संवर्ग के सभी रिक्त पदों पर पदोन्नति की कार्रवाई 15 अगस्त 2026 तक हर हाल में पूरी करनी होगी.

तय समय-सीमा में पूरी होंगी औपचारिकताएं

विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पदोन्नति प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जाएगी ताकि तय तारीख तक अंतिम आदेश जारी किए जा सकें. इस फैसले से दुर्ग, भिलाई, राजनंदगांव, बालोद, बेमेतरा और कबीरधाम जिलों के हजारों सहायक शिक्षकों, शिक्षकों और प्रधान पाठकों को सीधा लाभ मिलेगा, जो लंबे समय से अपने प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं.

वरिष्ठता सूची और TET अनिवार्य करने की मांग

इसी बीच, दुर्ग संभाग के ‘टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक साझा मंच’ ने हाल ही में संयुक्त संचालक कार्यालय को ज्ञापन सौंपकर पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग की है.वरिष्ठता सूची: शिक्षकों की मांग है कि 1 अप्रैल 2026 की स्थिति में सटीक वरिष्ठता सूची प्रकाशित की जाए.सुप्रीम कोर्ट का नियम: शिक्षकों ने मांग की है कि वरिष्ठता सूची में TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) पेपर-1 और पेपर-2 उत्तीर्ण होने का कॉलम अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, पदोन्नति के लिए टीईटी (TET) उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है. 15 जुलाई तक दस्तावेजों का सत्यापनप्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग पहले ही मुस्तैद हो चुका है. सहायक शिक्षक (एलबी) संवर्ग के लिए 15 जुलाई 2026 तक अपने संबंधित विकासखंड कार्यालयों (BEO) में टीईटी (TET) प्रमाणपत्रों और अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन कराना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके बाद ही फाइनल एलिजिबिलिटी लिस्ट तैयार की जाएगी.

शिक्षक संगठनों में उम्मीद की किरण डीपीआई (DPI) के इस बड़े और कड़े आदेश के बाद दुर्ग संभाग के शिक्षक संगठनों में खुशी और उम्मीद की किरण जगी है. संगठनों का कहना है कि समय पर पदोन्नति होने से न केवल शिक्षकों को उनका हक मिलेगा, बल्कि संभाग के मिडिल और हाई स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों व प्रधान पाठकों के पदों को भी भरा जा सकेगा, जिससे बच्चों की पढ़ाई में सुधार होगा.

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