- झलमला हाईस्कूल में 30 छात्राओं को मिली निःशुल्क साइकिल, अतिथियों ने कहा : शिक्षा से ही बनेगा उज्ज्वल भविष्य
बिलासपुर,सीपत कमलकांत पाटनवार :– शासकीय हाई स्कूल झलमला में सोमवार को राज्य शासन की निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा नवमीं की 30 छात्राओं को साइकिल वितरित की गई। नई साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। अतिथियों ने कहा कि यह योजना ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की बेटियों को शिक्षा से जोड़ने, विद्यालय आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत बिलासपुर के अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य विक्टोरिया रानी सैमुअल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद पंचायत मस्तूरी की अध्यक्ष सरस्वती सोनवानी, भाजपा मंडल अध्यक्ष दीपक शर्मा, जनपद सदस्य उषा कैवर्त, बिल्हा सरपंच संघ अध्यक्ष धनंजय सिंह ठाकुर, जिला पंचायत सभापति प्रतिनिधि जागेन्द्र कश्यप, झलमला सरपंच धनलाल साहू, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष पुरुषोत्तम साहू, रियाज अशरफी, भाजपा नेत्री नागेश्वरी साहू एवं कल्याणी साहू उपस्थित रहे कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। मंच संचालन शिक्षक एम.एल. खरे ने किया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि प्रदेश सरकार की सरस्वती साइकिल योजना बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली प्रभावी एवं उपयोगी योजना है। इससे दूरस्थ गांवों की छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिलती है और पढ़ाई बीच में छोड़ने की समस्या को कम करने में भी मदद मिलती है। उन्होंने छात्राओं से साइकिल का सदुपयोग करते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने माता-पिता, विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन करने का आह्वान किया। भाजपा मंडल अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि “शिक्षित बेटी ही सशक्त, जागरूक और समृद्ध समाज की पहचान है। सरस्वती साइकिल योजना केवल छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि उनके सपनों को नई गति देने और शिक्षा के मार्ग में आने वाली दूरी को कम करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने इस महती योजना की शुरुआत की थी ।योजना का उद्देश्य प्रदेश की प्रत्येक छात्रा तक शिक्षा की सुविधाएं पहुंचाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करना है। उन्होंने छात्राओं से नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन के साथ पढ़ाई करने और अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी।
बेटियों की शिक्षा में कोई बाधा नहीं आने देंगे : सरस्वती सोनवानी






