भाटापारा में श्रद्धा का केंद्र बना ‘सदर का राजा’

पंडाल की महाआरती और 56 भोग बना आकर्षण का केंद्र

भाटापारा। नगर में गणेश उत्सव की धूम अपने चरम पर है। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर भाटापारा का सबसे पुराना और प्रसिद्ध गणेश पंडाल ‘सदर का राजा’ इन दिनों श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। अपनी भव्यता, आकर्षक सजावट और ऐतिहासिक पहचान के लिए प्रसिद्ध इस पंडाल में भगवान गणेश के दर्शन के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

पंडाल में स्थापित भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सुबह से देर रात तक भक्तों का आवागमन जारी रहता है। श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन कर सुख-समृद्धि    और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

महाआरती में उमड़ता है भक्तों का सैलाब

‘सदर का राजा’ पंडाल की महाआरती गणेश उत्सव का विशेष आकर्षण बनी हुई है। महाआरती में नगर के विभिन्न क्षेत्रों से लोग परिवार सहित शामिल होते हैं। शंखनाद, घड़ियाल और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है। आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान गणेश की आराधना करते नजर आते हैं।

56 भोग का विशेष आयोजन

गणेश उत्सव के दौरान पंडाल में भगवान गणेश को 56 भोग अर्पित करने की परंपरा भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहती है। विभिन्न प्रकार के व्यंजनों और प्रसाद से भगवान को भोग लगाया जाता है। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया जाता है।

समिति के सदस्यों के अनुसार, हर वर्ष की तरह इस बार भी गणेश उत्सव को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। पंडाल में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। गणेश उत्सव के चलते पूरे नगर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है और ‘सदर का राजा’ श्रद्धा एवं आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है।

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