बढ़ती महंगाई के कारण आम लोगों का घरेलू बजट बिगड़ता जा रहा है। चीनी के दाम 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, जिससे गृहणियों को घर का खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है। सरकार से जरूरी खाद्य वस्तुओं के दामों पर नियंत्रण की मांग की जा रही है।
महंगाई की मार: चीनी हुई 65 रुपये किलो, सुबह की चाय हुई बेस्वाद
लगातार बढ़ रही महंगाई से आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ता जा रहा है। खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से गृहिणियों के सामने घर का खर्च संभालना मुश्किल हो गया है। इन दिनों बाजार में चीनी के दाम करीब 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले ही आटा, दाल, तेल, सब्जी और अन्य जरूरी सामान महंगे हैं। अब चीनी के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया है। चाय और अन्य रोजमर्रा की चीजों में चीनी की खपत होने के कारण इसका असर हर परिवार पर पड़ रहा है। गृहिणियों का कहना है कि सीमित आय में बढ़ती महंगाई के बीच घर का खर्च चलाना चुनौती बन गया है। लोगों ने सरकार, विभाग से जरूरी खाद्य वस्तुओं के दामों पर नियंत्रण रखने की मांग की है। ताकि आम जनता को राहत मिल सके। बाजार में बढ़ती कीमतों से सबसे अधिक परेशानी मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को उठानी पड़ रही है। दूसरी ओर सरकार मध्यम और निम्न वर्ग के लोगों की जरूरत, परेशानियों की ओर से आंख बंद कर ली है। सरकार का महंगाई पर नियंत्रण नहीं रहा है。
त्योहारी सीजन में बढ़ेगी मिठास! चीनी पर सरकार लेने वाली है यह फैसला
चीनी की बढ़ती कीमतें
चाय की चुस्की के साथ शुरू होने वाली सुबह चीनी के तड़के से मंहगी हो गई है। 20 दिन पहले जो चीनी 45 रुपये की लेती थी। आज वह चीनी 65 रुपये किलो है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।-
त्यौहारों पर असर
चीनी के बढ़ते दाम से आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ रहा है। आने वाले त्यौहारों पर इसका सीधा असर दिखायी देगा। चीनी से बनने वाले पकवान, मिष्ठान महंगे हो जाये। सरकार को जल्द राहत देनी चाहिए।














