डोंगरगांव(दीपक अवस्थी)। डोंगरगांव पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र ले जाए जा रहे छह मवेशियों को मुक्त कराया है। पुलिस ने मवेशियों से भरे एक पिकअप वाहन को जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त वाहन और मवेशियों की कुल कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 24 जुलाई की रात सूचना मिली कि बजरंग दल के कार्यकर्ता एक संदिग्ध पिकअप वाहन का पीछा कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्राम आयबांधा चौक के पास घेराबंदी की। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के सहयोग से सीजी 08 एज़ेड 7329 नंबर के अशोक लीलैंड पिकअप वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान वाहन में तीन भैंस, दो भैंसे और एक पड़वा को बेहद अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरा हुआ पाया गया। पुलिस ने सभी छह मवेशियों को सुरक्षित मुक्त कराकर गौशाला भिजवाया और पिकअप वाहन जब्त कर लिया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने राधेश्याम अंबादे (35) निवासी दामा बंजारी, थाना छुरिया और सिद्धार्थ बंसोड (29) निवासी वार्ड क्रमांक-1, बंजरगपुर, पुलिस चौकी चिखली को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने कथित रूप से स्वीकार किया कि वे मवेशियों को महाराष्ट्र स्थित कत्लखाने ले जा रहे थे।
आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। शनिवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिले में पशु तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, प्रधान आरक्षक बृजमोहन यादव तथा आरक्षक अजमेर खान की विशेष भूमिका रही।






