डोंगरगांव(दीपक अवस्थी)। थाना डोंगरगांव पुलिस ने शारीरिक रूप से दिव्यांग युवती से दुष्कर्म करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पीड़िता के सात माह की गर्भवती होने के बाद मामले का खुलासा हुआ। पीड़िता बोलने में असमर्थ होने के कारण पुलिस ने सीआरसी सेंटर के सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ (दुभाषिया) की मदद से उसका बयान दर्ज कराया और आरोपी तक पहुंची।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के पिता अपनी बेटी का इलाज कराने जिला अस्पताल राजनांदगांव पहुंचे थे, जहां जांच के दौरान उसके सात माह की गर्भवती होने की जानकारी मिली। इसके बाद 24 जुलाई को पीड़िता के पिता ने थाना डोंगरगांव में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 235/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(के) के तहत मामला कायम किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। चूंकि पीड़िता बोलकर अपनी बात बताने में सक्षम नहीं थी, इसलिए सीआरसी सेंटर के सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ की सहायता से उसका विधिवत बयान दर्ज किया गया। बयान के आधार पर पुलिस ने तुमड़ीलेवा निवासी 24 वर्षीय कमल नारायण साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में महिला एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के तहत यह कार्रवाई की गई। मामले की विवेचना एवं गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, उपनिरीक्षक देवकुमार रावटे तथा प्रधान आरक्षक संदीप देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






