बलौदाबाजार(मोहन तिवारी)नकली एनालॉग पनीर की संभावित बिक्री पर गुरुवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम हरकत में आई। कार्रवाई निरीक्षण तक सिमट गई। होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंट में परोसे जा रहे पनीर के नमूने नहीं लिए गए। उन जगहों पर दबिश नहीं दी गई, जहां प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के निर्माण या सप्लाई की आशंका जताई जा रही है। टीम केवल खाद्य सुरक्षा से जुड़े पैम्फलेट बांटकर लौट गई।
छत्तीसगढ़ शासन पहले ही असली पनीर जैसा दिखने वाले वनस्पति वसा आधारित गैर-दुग्ध एनालॉग पनीर के निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री पर प्रतिबंध लगा चुका है। इसके बाद भी बाजार में इसकी उपलब्धता पर सवाल उठ रहे हैं। भास्कर ने गुरुवार के अंक में जिले के होटलों, ढाबों, डेयरियों में ऐसे पनीर की संभावित बिक्री का मुद्दा उठाया था। इसके बाद विभाग की टीम ने जिले के कुछ प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। कार्रवाई का दायरा समझाइश, चेतावनी तक रहा। निरीक्षण में लाल बहादुर शास्त्री वार्ड स्थित नर्मदा दूध संकलन केंद्र में स्वच्छता की कमियां मिलीं। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 की धारा 32 के तहत सुधार नोटिस जारी किया गया। जिस मुद्दे पर अभियान चला, यानी प्रतिबंधित एनालॉग पनीर की मौजूदगी, उसकी पुष्टि के लिए किसी भी प्रतिष्ठान से पनीर का नमूना नहीं लिया गया। जिन होटलों, ढाबों में रोज बड़ी मात्रा में पनीर के व्यंजन परोसे जाते हैं, वहां जागरूकता के निर्देश दिए। टीम लौट आई। अभियान के दौरान अधिकारियों ने भाटापारा शहर के बाजारों, मिष्ठान भंडारों, डेयरियों, किराना दुकानों, होटल संचालकों से संपर्क किया। खाद्य सुरक्षा के पैम्फलेट बांटे। नियमों के पालन की समझाइश दी।






