मुंगेली न्यायालय ने सुनाई सजा, 10 हजार का जुर्माना भी लगाया

संदीप यादव मुंगेली। साइबर ठगी से कमाई गई करोड़ों की रकम को बैंक खातों में घुमाने और म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल करने के मामले में मुंगेली कोर्ट ने अहम फैसला दिया है। थाना सिटी कोतवाली के अपराध क्रमांक 77/2025 में आरोपी संजीव खांडे को दोषी मानते हुए सत्र न्यायाधीश गिरीजा देवी मेरावी ने तीन साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।

मामले के मुताबिक आरोपी संजीव खांडे उम्र 38 वर्ष, पिता धनीराम, निवासी ग्राम बोदा, थाना फास्टरपुर, जिला मुंगेली ने अपने नाम और अपने परिचितों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों को म्यूल अकाउंट के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि इन खातों के जरिए साइबर फ्रॉड से ठगी गई लगभग 4 करोड़ 53 लाख 89 हजार 567 रुपए की बड़ी रकम का लेन-देन किया गया।

इस अपराध पर सिटी कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की धारा 111, 317(2), 317(4), 317(5) और 3(5) के तहत केस दर्ज कर चालान कोर्ट में पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गवाहों के बयान और पेश किए गए दस्तावेजी सबूतों के आधार पर आरोपी संजीव खांडे को बीएनएस की धारा 317(2) के तहत दोषी करार दिया।

अन्य आरोपी बरी, कई अब भी फरार

इसी केस के अन्य आरोपियों को कोर्ट ने संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया है। वहीं इस नेटवर्क से जुड़े कई आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

14 गवाहों से मजबूत हुई अभियोजन की पैरवी

इस प्रकरण में शासन की ओर से लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने पैरवी की। उन्होंने कुल 14 गवाहों को कोर्ट में पेश कर मामले को साबित किया। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और अभियोजन द्वारा रखे गए तथ्यों पर गहन विचार के बाद आरोपी को सजा सुनाई।

कोर्ट के इस निर्णय को साइबर अपराध से जुड़े बैंक खातों के दुरुपयोग के मामलों में एक बड़ी न्यायिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। इससे साइबर ठगी की रकम को खपाने वाले म्यूल अकाउंट गिरोह पर शिकंजा कसने में मदद मिलेगी। फरार आरोपियों पर आगे की कार्रवाई अभी शेष है।

Hot Topics

Related Articles