संदीप यादव मुंगेली, साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी एवं डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं से आमजन को सुरक्षित रखने और साइबर सुरक्षा के प्रति व्यापक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नालसा एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुंगेली द्वारा जिला पुलिस मुंगेली के सहयोग से पैरालीगल वॉलिंटियर्स एवं लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम अधिवक्ताओं के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पीएलव्ही एवं एलएडीसीएस अधिवक्ताओं को साइबर अपराधों की पहचान, उनसे बचाव तथा साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में तत्काल की जाने वाली आवश्यक कार्यवाही के संबंध में तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना रहा, ताकि वे आगे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आम नागरिकों को प्रभावी ढंग से जागरूक कर सकें। प्रशिक्षण सत्र में जिला पुलिस के साइबर सेल विशेषज्ञों द्वारा साइबर अपराधों की वर्तमान प्रवृत्तियों, डिजिटल अरेस्ट से बचाव, ऑनलाइन धोखाधड़ी, वित्तीय साइबर अपराध एवं व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान पोर्टल, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग तथा साइबर ठगी की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने और वित्तीय सुरक्षा से संबंधित आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी गई।
प्रशिक्षण प्राप्त जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जाकर विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को साइबर ठगी से सतर्क रहने, अनजान व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा नहीं करने तथा साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में बिना देरी किए 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम में साइबर सेल से हरविंदर सिंह (डीएसपी), मधुकर रात्रे (एएसआई), श्रीमती बबिता श्रीवास (म.आ.), रवि कुमार जांगड़े (साइबर विशेषज्ञ), टीकम चंद्राकर सहित श्री राजेश मिरे, पैरालीगल वॉलिंटियर्स सुमित साहू, वैभव यादव, धर्मेंद्र शर्मा, नीलम यादव, प्रकाश साहू, दिलेश्वर देवांगन एवं गौतम महिलांगे उपस्थित रहे।








