विश्वनाथ देवांगन राजनांदगांव ।संस्कारधानी राजनांदगांव में गणपति बप्पा के आगमन के साथ जहां शहर के अलग-अलग हिस्सों में भक्ति और उत्सव का माहौल देखने को मिल रहा है, वहीं नया बस स्टैंड चौक स्थित कव्वाली ग्रुप राजनांदगांव महाकाल मित्र मंडल का गणेश पंडाल अपनी अनोखी पहल को लेकर चर्चा में है। यहां गणपति बप्पा की स्थापना के साथ सिर्फ धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों को भी सामने रखने का प्रयास किया जा रहा है।
इस गणेश पंडाल में एक अनोखी समाधान पेटी रखी गई है, जिसमें आम लोग अपनी शिकायत, समस्या, मांग और सुझाव लिखकर डाल सकते हैं। खास बात यह है कि इस समाधान पेटी को अलग-अलग जनहित के विषयों से जोड़ा गया है। शिक्षा, अस्पताल, नगर निगम, ग्रामीण क्षेत्र और अन्य समस्याओं से संबंधित शिकायतों के लिए लोगों को अपनी बात लिखकर रखने का अवसर दिया जा रहा है।समिति की ओर से पंडाल में 11 दिनों के लिए अलग-अलग सामाजिक और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई है।
पंडाल में लगाए गए संदेश के मुताबिक पहले दिन बप्पा का स्वागत, दूसरे दिन शिक्षा से जुड़ी पहल, तीसरे दिन अस्पताल और स्वास्थ्य, चौथे दिन मन साफ, तन साफ और शहर साफ का संदेश, पांचवें दिन अन्नदान, छठवें दिन बिना डीजे केवल संगीत, सातवें दिन आरटीआई क्लिनिक, आठवें दिन बप्पा लाइब्रेरी और नौवें दिन लोकल सिस्टम हेल्प डेस्क जैसी पहल शामिल हैं। दसवें दिन बुराइयों की पूर्णाहुति और ग्यारहवें दिन दुखों का विसर्जन यानी नई सोच और नई शुरुआत का संदेश दिया गया है।
समिति का उद्देश्य धार्मिक आयोजन को सामाजिक सरोकार से जोड़ना बताया जा रहा है। समिति के सदस्यों का कहना है कि जब लोग अपनी समस्याएं समाधान पेटी में लिखकर डालेंगे, तो उनकी आवाज को सामने लाने और संबंधित विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं, आज के दौर में गणेश उत्सव के दौरान बड़े-बड़े साउंड सिस्टम और डीजे का इस्तेमाल आम बात हो गई है, लेकिन इस समिति ने इससे अलग पहल करते हुए बप्पा के आगमन पर ढोल-मंजीरे के साथ स्वागत किया और पंडाल में किसी तरह का साउंड सिस्टम नहीं लगाया। समिति का यह प्रयास धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और नई सोच का संदेश देता नजर आ रहा है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि समाधान पेटी में पहुंचने वाली आम जनता की शिकायतों और सुझावों को समिति किस तरह सामने लाती है और इस पहल का शहरवासियों पर कितना प्रभाव पड़ता है।








