संगठनात्मक प्रशिक्षण से मजबूत होगा कांग्रेस का हर कार्यकर्ता- पीसीसी चीफ दीपक बैज

  • संगठन सृजन अभियान के तहत सरगुजा संभागीय ब्लॉक अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ

सरगुजा। संगठन सृजन अभियान के तहत आज 15 सितंबर 2026 से सरगुजा संभाग में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण शिविर 17 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने, कार्यकर्ताओं की भूमिका एवं जिम्मेदारियों, संगठनात्मक गतिविधियों के प्रभावी संचालन तथा जनहित के मुद्दों को मजबूती के साथ उठाने सहित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन की असली ताकत उसके कार्यकर्ता होते हैं। संगठनात्मक प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यकर्ताओं में नेतृत्व क्षमता, संगठन के प्रति जिम्मेदारी और जनता के बीच प्रभावी ढंग से काम करने का आत्मविश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन के लिए जरूरी है कि प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की विचारधारा, नीतियों और जनसरोकारों को लेकर पूरी स्पष्टता के साथ जनता के बीच सक्रिय रहे।

सरगुजा के माटीपुत्र कहे जाते हैं पूर्व विधायक भानु प्रताप सिंह, शहर से लेकर सुदूर वनांचल तक मजबूत पकड़

पूर्व विधायक भानु प्रताप सिंह को सरगुजा की सियासत में जमीनी जुड़ाव और सहज जनसंपर्क के लिए जाना जाता है। उन्हें क्षेत्र में अक्सरसरगुजा का माटीपुत्र’ कहा जाता है। शहर से लेकर दूरस्थ वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों तक उनका लगातार जनसंपर्क बना रहता है।

क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी सक्रियता और आमजन से सीधे संवाद की शैली उन्हें अलग पहचान देती है। गांवों की चौपाल से लेकर शहर के सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यक्रमों तक उनकी मौजूदगी देखने को मिलती है। स्थानीय मुद्दों को समझने और उन्हें संगठन तथा जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखने में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है।

सरगुजा के दूरस्थ इलाकों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं। ऐसे क्षेत्रों में लगातार पहुंच बनाए रखना और ग्रामीणों से संवाद करना उनकी राजनीतिक सक्रियता का प्रमुख हिस्सा माना जाता है।

भानु प्रताप सिंह की राजनीति का आधार केवल शहर तक सीमित नहीं, बल्कि गांव, आदिवासी अंचल और सुदूर वनांचल में रहने वाले आम लोगों से जुड़ाव भी रहा है। यही वजह है कि संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क के दौरान वे ग्रामीण क्षेत्रों में भी सक्रिय नजर आते हैं।

शहर से वनांचल तक संवाद, कार्यकर्ताओं से सीधा जुड़ाव और आमजन के मुद्दों को प्राथमिकता—इन्हीं आधारों पर भानु प्रताप सिंह ने सरगुजा की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है।

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