समाज में बदलाव सिर्फ विचारों में नहीं, व्यक्ति के आचरण और जीवन में भी दिखे : डॉ. सचदेव, सीपत में घोष की धुन पर निकला RSS का पथ संचलन , जगह जगह स्वागत

कमलकांत पाटनवार

बिलासपुर/सीपत 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सीपत मंडल का विजयादशमी उत्सव एवं पथ संचलन रविवार को स्वामी आत्मानंद स्कूल परिसर में संपन्न हुआ। पूर्ण गणवेश में घोष की धुन के साथ निकले स्वयंसेवकों के अनुशासित कदमों ने नगर में उत्साह का माहौल बना दिया। लोगों ने पथ संचलन का जगह जगह रंगोली सजाकर और पुष्पवर्षा से जोरदार स्वागत किया । कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संघ के बिलासपुर विभाग संचालक डॉ. राजकुमार सचदेव उपस्थित रहे। उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर चल रहे पंच परिवर्तन के माध्यम से सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत आत्मानंद स्कूल परिसर में शाखा लगाकर ध्वज वंदन के साथ हुई।

इसके बाद सभी स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में घोष के साथ अनुशासित पंक्तियों में पथ संचलन के लिए निकले। संचलन आत्मानंद स्कूल से प्रारंभ होकर थाना चौक, बसस्टैंड और नवाडीह चौक होते हुए पुनः स्कूल परिसर पहुंचा। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने रंगोली सजाकर और पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। पथ संचलन के दौरान अनुशासन, एकजुटता और संगठन के प्रति समर्पण का दृश्य देखने को मिला।

स्कूल परिसर में संचलन के वापस पहुंचने के बाद कार्यक्रम सभा में परिवर्तित हो गया। सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता डॉ. राजकुमार सचदेव ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मूल उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना और समाज में राष्ट्रभाव को मजबूत करना है। संघ के शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने नागरिक कर्तव्य बोध, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन तथा स्वदेशी एवं स्वबोध को पंच परिवर्तन के प्रमुख आयाम बताते हुए इनके महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. सचदेव ने कहा कि समाज में बदलाव केवल विचारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे व्यक्ति के आचरण और दैनिक जीवन में भी दिखाई देना चाहिए। नागरिकों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना चाहिए, पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए और समाज में आपसी सद्भाव एवं समरसता को मजबूत करना चाहिए। परिवारों में संस्कारों का संवर्धन, स्वदेशी वस्तुओं के प्रति प्रोत्साहन तथा अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूकता भी आवश्यक है।

उन्होंने स्वयंसेवकों से इन विचारों को समाज के बीच पहुंचाने और संगठन के माध्यम से राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन मस्तूरी खंड के शारीरिक प्रमुख नागेश्वर मैत्री ने किया। इस दौरान सीपत उपखंड कार्यवाह राजेश कैवर्त एवं मस्तूरी खंड कार्यवाह देवेंद्र सिंह क्षत्रिय ने भी कार्यक्रम में अपनी भूमिका निभाई। अंत में संघ की प्रार्थना, ध्वज वंदन एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर विभाग प्रचार प्रमुख अजय सूर्यवंशी, संजय गुप्ता, मंडल कार्यवाह बैद्यनाथ गुप्ता, नीरज सिंह क्षत्रिय, दीपक गुप्ता, दीपक शर्मा, नारायण साहू, टार्जन धीवर, सतीश पाटनवार, बांके गुप्ता, हरिकेश गुप्ता, वैभव तंबोली,मनिष पाटनवार, कुलदीप यादव, आदर्श शर्मा, सुनील निर्मलकर, दिनेश गुप्ता, डीकेश गुप्ता, चंद्रमणि गुप्ता , युवराज सिंह, जिला बौद्धिक प्रमुख प्रदीप वर्मा, ओमप्रकाश पाटनवार, गोविंद सुर्यवंशी, प्रमोद पाटनवार, दुर्गेश जायसवाल, हरिहर सिंह, संदीप गुप्ता, अजय भवानी, धनंजय धीवर, वेद साहू, हितेश, दिलीप निर्मलकर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं बरेली की स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहीं।

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