सेवा सुरक्षा के लिए शिक्षक संगठनों द्वारा बड़े आंदोलन की तैयारी

रायपुर। प्रदेश के सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के मुद्दे पर प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संगठनों ने अब एक मंच पर आकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर, नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास राजपूत एवं सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष इरफान सैय्यद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीरता नहीं दिखाती है तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से निर्णायक स्तर तक ले जाया जाएगा।

शिक्षक संगठनों ने आज डीपीई एवं शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपकर सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। शिक्षक नेताओं ने कहा कि प्रदेश के शिक्षक वर्षों से पूरी निष्ठा के साथ बच्चों के भविष्य निर्माण में जुटे हैं, लेकिन आज उन्हीं शिक्षकों का भविष्य असुरक्षित दिखाई दे रहा है। सरकार को शिक्षकों से जिम्मेदारी की अपेक्षा है तो उनके भविष्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सरकार को उठानी होगी।

टीईटी परीक्षा को लेकर सरकार पर उठाए सवाल

शिक्षक नेताओं ने टीईटी परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग के रवैये पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी पात्रता अर्जित करने की समयसीमा निर्धारित की गई है। ऐसे में राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि जिन सेवारत शिक्षकों ने अभी टीईटी पात्रता अर्जित नहीं की है, उनके लिए नियमित रूप से परीक्षा आयोजित कराई जाए।

शिक्षक संगठनों का आरोप है कि शिक्षा विभाग टीईटी अनिवार्यता से संबंधित न्यायालय के निर्देशों को लागू करने की दिशा में तो तत्परता दिखा रहा है, लेकिन शिक्षकों को पात्रता अर्जित करने के लिए आवश्यक अवसर उपलब्ध कराने की अपनी जिम्मेदारी का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं कर रहा है। शिक्षक नेताओं ने सवाल किया कि जब समय पर टीईटी परीक्षा आयोजित ही नहीं होगी तो शिक्षक पात्रता कैसे अर्जित करेंगे? सरकार को इस गंभीर विषय पर तत्काल विचार करना चाहिए।

Hot Topics

Related Articles