हाथों में ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ और आँखों में नई उम्मीद: रायपुर जेल से आजाद हुए 9 कैदी

रायपुर।स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की पांच केंद्रीय जेलों से 100 सजायाफ्ता कैदियों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य शासन के आदेश पर यह कदम केवल उन बंदियों के लिए उठाया गया है, जिनका जेल में आचरण और व्यवहार अनुशासित और सराहनीय रहा है।इसी कड़ी में रायपुर सेंट्रल जेल से आज 9 कैदियों को रिहा किया गया। जेल अधीक्षक के अनुसार, जेल में बंदियों के काम, नियमों के पालन और विभिन्न स्तर के अधिकारियों से मिले सकारात्मक फीडबैक के बाद ही इस रिहाई को अंतिम स्वीकृति दी गई है।हाथों में ‘गीता’ लेकर निकले कैदीजेल से बाहर आते समय एक बेहद भावुक और सकारात्मक दृश्य देखने को मिला। रिहा हुए कैदियों के हाथों में ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ की किताब नजर आई। जेल प्रबंधन और गीता परिवार द्वारा चलाए जा रहे ऑनलाइन सुधार कार्यक्रमों के सकारात्मक प्रभाव के कारण कैदियों के विचारों में यह बड़ा बदलाव आया है।समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्पबरसों की सजा काटने के बाद आज आज़ाद हुए इन बंदियों के चेहरों पर एक नई जिंदगी की चमक साफ देखी जा सकती थी। जेल से बाहर आकर सभी कैदियों ने खुशी जाहिर की और संकल्प लिया कि वे अपने अतीत को पीछे छोड़कर एक नई शुरुआत करेंगे और समाज की मुख्यधारा में लौटकर एक जिम्मेदार नागरिक की तरह जीवन व्यतीत करेंगे।

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