बलौदाबाजार, 24 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिला चिकित्सालय बलौदाबाजार में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में चिरायु दल द्वारा चिन्हांकित 70 बच्चों का एमएमआई नारायणा अस्पताल रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण एवं फाइनल स्क्रीनिंग की गई।
शिविर का शुभारंभ कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने शिविर में पहुंचे बच्चों एवं उनके अभिभावकों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और बेहतर उपचार का भरोसा दिलाया।
चिरायु योजना के तहत बच्चों का होगा नि:शुल्क उपचार
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने बच्चों के अभिभावकों से चिरायु टीम द्वारा बीमारी के उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी सहायता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अभिभावकों को बताया कि चिरायु योजना के अंतर्गत शासन द्वारा बच्चों का नि:शुल्क उपचार किया जाएगा।
उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सकों से बच्चों की उम्र एवं बीमारी की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि गंभीर बीमारी से पीड़ित एवं छोटे बच्चों के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि उन्हें समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
कोई भी बच्चा उपचार से वंचित न रहे : कलेक्टर
कलेक्टर ने चिरायु टीम की सराहना करते हुए जिले में निरंतर स्वास्थ्य सर्वेक्षण जारी रखने और जन्मजात बीमारियों से पीड़ित बच्चों की पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में कोई भी चिन्हांकित बच्चा उपचार से वंचित नहीं रहना चाहिए। सभी बच्चों को शासन की योजनाओं के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
इस दौरान कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय के शिशु रोग कक्ष, सोनोग्राफी कक्ष तथा आंख, कान एवं गला विभाग का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने किया स्वास्थ्य परीक्षण
शिविर में चिरायु दल द्वारा चिन्हांकित जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 70 बच्चों की एमएमआई नारायणा अस्पताल रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने फाइनल स्क्रीनिंग की। इस दौरान बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण कर आगे के उपचार के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया की गई।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी, सिविल सर्जन डॉ. अशोक वर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सृष्टि मिश्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
शिविर का उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान, बेहतर उपचार एवं शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाना रहा।






