परंपरागत खेती छोड़ बीज उत्पादक बने ढाबाडीह के किसान, आय में 75 प्रतिशत तक वृद्धि

भाटापारा 24 अक्टूबर 2026। जिले के विकासखंड भाटापारा अंतर्गत ग्राम ढाबाडीह के किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीकों और अनुबंध आधारित बीज उत्पादन को अपनाकर खेती में नई मिसाल कायम की है। परंपरागत खेती से हटकर उन्नत बीज उत्पादन करने वाले किसानों की आय में लगभग 75 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। किसानों की इस पहल से कृषि क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक खेती को बढ़ावा मिल रहा है।

ग्राम ढाबाडीह के कृषक रूपेन्द्र साहू, उमा साहू, राजाराम एक्का और प्रमिला साहू पहले परंपरागत रूप से धान एवं सब्जियों की खेती करते थे। मौसम की अनिश्चितता और बाजार भाव में उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें अक्सर सीमित आय से ही संतोष करना पड़ता था। खेती में जोखिम कम करने और आय बढ़ाने के उद्देश्य से किसानों ने उद्यान विभाग भाटापारा के अधिकारियों से संपर्क किया।

विभाग के मार्गदर्शन में किसानों ने एक प्रमुख बीज कंपनी के साथ अनुबंध किया और सामूहिक रूप से 25 एकड़ रकबे में गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन का कार्य शुरू किया। इस पहल से किसानों को खेती में नई तकनीकों को अपनाने और उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर बनाने का अवसर मिला।

अनुबंध आधारित खेती से बाजार जोखिम हुआ कम

बीज कंपनी के साथ अनुबंध होने से किसानों को अपनी उपज का पहले से निर्धारित मूल्य मिल रहा है। इससे बाजार भाव में उतार-चढ़ाव के कारण होने वाले नुकसान का जोखिम कम हुआ है। वहीं, आधुनिक कृषि तकनीकों और सामूहिक खेती अपनाने से मजदूरी पर होने वाला खर्च भी काफी कम हुआ है।

उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को दो क्रॉप सोलर ड्रायर उपलब्ध कराए गए हैं। इनकी मदद से किसान बारिश के मौसम में भी बीजों को सुखाने का कार्य आसानी से कर सकेंगे। इससे बीजों की गुणवत्ता बनाए रखने और उत्पादन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

प्रति एकड़ आय में 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी

किसानों के अनुसार, परंपरागत खेती की तुलना में बीज उत्पादन अपनाने से उनकी प्रति एकड़ शुद्ध आय में लगभग 75 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।

पहले किसान 8 हेक्टेयर में सब्जी और 2 हेक्टेयर में धान की खेती करते थे। इस व्यवस्था में प्रति एकड़ लगभग एक लाख रुपये की बचत होती थी। अब किसान 9 हेक्टेयर में सब्जी उत्पादन के साथ बीज उत्पादन कर रहे हैं, जिससे प्रति एकड़ लगभग 1 लाख 75 हजार रुपये की बचत हो रही है।

इस प्रकार आधुनिक तकनीक, अनुबंध आधारित खेती और सामूहिक प्रयासों से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। साथ ही, खेती में जोखिम कम होने से किसानों को बेहतर आय प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणास्रोत

ग्राम ढाबाडीह के किसानों की इस सफलता से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसान भी प्रभावित हो रहे हैं। अब अन्य किसान भी परंपरागत खेती के साथ आधुनिक बीज उत्पादन और अनुबंध आधारित कृषि अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।

ढाबाडीह के किसानों की यह पहल दर्शाती है कि कृषि में नवाचार, विभागीय मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। उनकी सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।

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