107वें वर्ष में प्रवेश करेगी भाटापारा की ऐतिहासिक रामलीला, 11 अक्टूबर से होगा भव्य शुभारंभ

1920 में हुई थी आदर्श रामलीला नाटक मंडली की स्थापना, 11 दिनों तक होगा रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन

भाटापारा। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं में विशेष स्थान रखने वाली भाटापारा की आदर्श रामलीला नाटक मंडली इस वर्ष अपने 107वें वर्ष की रामलीला के मंचन के लिए तैयार है। वर्ष 1920 में स्थापित इस मंडली की रामलीला का शुभारंभ 11 अक्टूबर, रविवार को शाम 7:30 बजे रामलीला मैदान में होगा। पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही यह परंपरा आज भी लोगों की आस्था, श्रद्धा और उत्साह का केंद्र बनी हुई है।

रामलीला के आयोजन को लेकर समिति और कलाकारों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस वर्ष मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था, कलाकारों की पोशाकों और अन्य व्यवस्थाओं को विशेष रूप से आकर्षक बनाने पर जोर दिया गया है।

मुकुट पूजा, शब्दभेदी बाण और पुत्रधर्म नाटक से होगी शुरुआत

रामलीला समिति के अध्यक्ष प्रकाशचंद शर्मा और सचिव कोमल शर्मा के नेतृत्व में कलाकार पिछले तीन महीनों से नियमित अभ्यास कर रहे हैं। आयोजन का शुभारंभ पारंपरिक मुकुट पूजा के साथ होगा। इसके बाद शब्दभेदी बाण और पुत्रधर्म नाटक की प्रस्तुति दी जाएगी।

समिति के वरिष्ठ सदस्य देवनारायण शर्मा और हेमंत मल ने बताया कि इस वर्ष रामलीला को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था तथा कलाकारों की पोशाकों पर विशेष ध्यान दिया गया है। आयोजन में 80 से अधिक स्थानीय कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

11 दिनों तक होगा रामायण के प्रसंगों का मंचन

11 दिनों तक चलने वाली इस ऐतिहासिक रामलीला में रामायण के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इनमें श्रवण प्रसंग, नारद मोह, धनुष यज्ञ, सीता हरण, बाली वध, लंका दहन, अंगद-रावण संवाद, कुंभकर्ण वध, देवी लीला और अहिरावण वध सहित अन्य प्रसंग शामिल हैं।

इन प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, त्याग, मर्यादा और धर्म की महत्ता से परिचित कराया जाएगा। रामलीला के विभिन्न प्रसंगों के जरिए भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।

नई पोशाकें और अस्त्र-शस्त्र होंगे आकर्षण का केंद्र

इस वर्ष रामलीला की प्रस्तुतियों को और प्रभावशाली बनाने के लिए कलाकारों की नई पोशाकों, अस्त्र-शस्त्र और रंग-रोगन की सामग्री की व्यवस्था की गई है।

कलाकारों की तैयारी में जुटे सूर्यकांत शुक्ला, संदीप मल और शिवनारायण गुप्ता ने बताया कि मंचन को पहले से अधिक आकर्षक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। वहीं, समिति के उपाध्यक्ष जगदीश वैष्णव ने कहा कि सभी कलाकार रामलीला के आयोजन को लेकर उत्साहित हैं और अपनी सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति देने के लिए तैयार हैं।

यूट्यूब पर होगा रामलीला का सीधा प्रसारण

आयोजन को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए रामलीला का सीधा प्रसारण ‘खबर भाटापारा’ के यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा। इससे भाटापारा सहित आसपास के क्षेत्रों और अन्य स्थानों पर रहने वाले दर्शक भी घर बैठे इस ऐतिहासिक आयोजन का आनंद ले सकेंगे।

भाटापारा की आदर्श रामलीला नाटक मंडली की यह परंपरा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक सहभागिता का भी प्रतीक है। 107वें वर्ष में प्रवेश कर रही यह रामलीला नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने और भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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