बलौदाबाजार ,लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे वारंटियों के खिलाफ बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने सात दिन तक विशेष अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। 17 से 24 अगस्त तक चले अभियान में पुलिस ने अलग-अलग मामलों में 50 स्थाई वारंटी और 17 गिरफ्तारी वारंटी समेत कुल 67 वारंट तामिल कराए। कार्रवाई के दौरान एक ऐसा आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़ा, जो वर्ष 2012 से फरार था। पुलिस टीम ने करीब 14 साल बाद अंतरजिला दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन में लंबे समय से फरार वारंटियों की धरपकड़ के लिए सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में विशेष टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों ने वारंटियों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने के बाद बलौदाबाजार भाटापारा जिले के अलावा रायपुर, बिलासपुर, जांजगीर, कोरबा, महासमुंद, मंदिर हसौद सहित अन्य क्षेत्रों में दबिश दी।
अभियान के दौरान पकड़े गए स्थाई वारंटियों में चेक बाउंस, आबकारी, नारकोटिक्स, चोरी और मारपीट जैसे मामलों के आरोपी शामिल हैं। कई आरोपी लंबे समय से न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे और पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस टीमों ने तकनीकी जानकारी और मुखबिर तंत्र की मदद से ऐसे आरोपियों की पहचान कर उनके ठिकानों तक पहुंच बनाई।
2012 से पुलिस को दे रहा था चकमा: अभियान की सबसे बड़ी सफलता करीब 14 साल से फरार स्थाई वारंटी की गिरफ्तारी रही। संबंधित मामले में आरोपी वर्ष 2012 से फरार था। पुलिस ने लगातार पता-तलाश करते हुए उसके संबंध में जानकारी जुटाई और अंतरजिला टीम भेजकर दबिश दी। विशेष अभियान में भाटापारा शहर थाना जिले में सबसे आगे रहा।
यहां की पुलिस टीम ने अकेले 18 स्थाई वारंट तामिल कराए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों ने पुराने रिकॉर्ड खंगालने के साथ ही उनके वर्तमान ठिकानों की जानकारी जुटाई और लगातार दबिश दी। पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने कहा कि कानून से बचकर लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।














